लोकतंत्र को बचाने के लिए आफताब अहमद ने किया उपवास, गांधी की प्रतिमा के सामने दिया धरना

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Nuh Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : नूह के गांधी पार्क में हरियाणा सीएलपी के डिप्टी लीडर व नूह विधायक आफताब अहमद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर एक दिन का उपवास किया। पुनहाना विधायक चौधरी इल्यास मुहम्मद व फिरोजपुर झिरका से विधायक चौ मामन खान, पीसीसी सदस्य चौधरी महताब अहमद ने भी उपवास में सीएलपी डिप्टी लीडर आफताब अहमद के साथ हिस्सा लिया।
चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि गांधी के शरीर की हत्या भले ही आजादी के वक़्त कर दी गई हो लेकिन आज उनकी आत्मा की भी हत्या सरकार करने पर आमदा है। नागरिकता संशोधन कानून व एन आर सी बीजेपी केंद्र सरकार की एक शाजिस है जिससे वो लोगों को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है।
आफताब अहमद ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता जिनके अहिंसा के सिद्धान्त पर भारत को आजादी मिली, लोगों के नागरिक अधिकारों के लिये संघर्ष- सत्याग्रह किए, किसानों, मजदूरों और श्रमिकों को अत्यधिक भूमि कर और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने के लिये एकजुट किया। देशभर में गरीबी से राहत दिलाने, महिलाओं के अधिकारों का विस्तार, धार्मिक एवं जातीय एकता का निर्माण व आत्मनिर्भरता के लिये अस्पृश्‍यता के विरोध में अनेकों कार्यक्रम चलाये, नमक सत्याग्रह और अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन किया। लेकिन आज बीजेपी की केंद्र सरकार गांधी की विचारधारा को आघात पहुंचा कर गोडसे की विचारधारा को पनपाती हुई प्रतीत हो रही है।
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी के शरीर की हत्या की है, लेकिन महात्मा गांधी के आदर्श तथा गांधीवाद अजर, अमर है जिसे ये बीजेपी सरकार कभी खत्म नहीं कर पाएगी।
सीएलपी हरियाणा के डिप्टी लीडर आफताब अहमद ने कहा कि आज देश में दो विचारधाराएं हैं, एक गांधी की विचारधारा है, वो विचारधारा जिससे देश को आजादी मिली थी और दूसरी गोडसे की विचारधारा, जिससे गांधी जी की हत्या हुई थी।हमें उस विचारधारा को हराना है, जो हिंसा की विचारधारा की बात करती है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी में सभी का हिस्सा रहा है और जिन्होंने देश के लिए शहादत दी हों उनसे नागरिकता का सबूत मांगना शर्मशार करने वाला है।
आफताब अहमद ने कहा कि NRC लागू करना गलत है क्योंंकि अकेले असम में 19 लाख लोग अपनी नागरिकता साबित नहीं कर सके, हैरानी की बात ये है कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति फकरुद्दीन के परिवार के लोग भी जगह नहीं बना पाए, लाखों हिन्दू भाई भी अपनी नागरिकता साबित नहीं कर सके। फिर एक आम आदमी गरीब मजदूर केसे अपनी नागरिकता साबित कर सकेगा।
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि ये एक दिन का उपवास इस गूंगी बहरी मोदी सरकार को ये संदेश देने के लिए किया है कि देश गांधी की विचारधारा पर ही आजाद हुआ था और गांधी विचारधारा पर ही आगे बढ़ेगा। गोडसे की विचारधारा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सैंकड़ों लोगों ने आफताब अहमद के साथ उपवास किया।