अमितांश की फ़िल्म ने दादा साहेब फाल्के फ़िल्म फेस्टिवल तक पहुंच कर किया फरीदाबाद का नाम रोशन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : जहां एक तरफ मनोरंजन समाज की नई ताकत बन रहा है वहीं दूसरी तरफ अपनी कई फिल्मों से भारतीय सिनेमा समाज का असली चहेरा भी उजागर करता है।

इसी तरह की एक शॉर्ट फिल्म मुक्ति जिसके निर्माता-निर्देषक फरीदाबाद के रहने वाले अमितांश है जिनकी शार्ट फिल्म दसवें दादा साहेब फाल्के फ़िल्म फेस्टिवल में चुनी गई है।

आरना मोशन पिक्चर्स के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म में समाज की एक कड़वी सच्चाई दर्शाई गई है जिसकी ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। अमितांश द्वारा लिखित फ़िल्म की पटकथा में बताया गया है कि महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाले इस देश में महिलाएं कितनी सुरक्षित है।

इससे पहले इस फ़िल्म को दा लिफ्ट ऑफ सेशन, फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ युके के भी लघु फ़िल्म श्रेणी में नामांकित किया गया था।

अमितांश का कहना है कि कोई भी फ़िल्म बनाने से पहले वो इस चीज़ का विशेष ध्यान रखते है कि उस फ़िल्म से लोगो को क्या संदेश मिल रहा है। इस चीज़ को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा बनाई गई फिल्में जैसे ब्लाइंड डेट, रिपोर्ट कार्ड, त्रिनेत्र ना सिर्फ देश और विदेश के कई लघु फ़िल्म फेस्टिवल्स में नामांकित हुई बल्कि कई अवॉर्ड जीतने में भी सफल रही।