बेटियां बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है : एसडीएम अपराजिता

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 13 जनवरी। एसडीएम अपराजिता ने कहा कि बेटियां बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। बेटों के समान जो मां-बाप अपनी बेटियों की परवरिश करते हैं, वे बेटियां परिवार का नाम रोशन कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। घरों में बच्चों को ऐसी प्रेरणा दे कि वे बेटा बेटी में कोई भेद ना समझे। मां बाप भी बेटियों को बेटों के समान परवरिश देकर उन्हें सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए प्रेरित करें। एसडीएम अपराजिता आज बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित उपमंडल स्तरीय बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बल्लभगढ़ उपमंडल के कम लिंगानुपात वाले ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को बेटियों को जन्म देने पर सम्मानित कर प्रोत्साहित कर रही थी। एसडीएम अपराजिता ने कहा कि लड़कियों में सहनशीलता/इम्यूनिटी पावर लड़कों के मुकाबले अधिक होती है। वे किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं है। चाहे वह पढ़ाई, खेल, घर में काम करने का हो या अन्य सभी सामाजिक सरोकार के क्षेत्रों में लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार, समाज, गांव, शहर, जिला, प्रदेश और देश के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। सामाजिक सरोकार के उन्नति के शिखर के लिए महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। एसडीएम ने महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं बाल विकास विभाग द्वारा किसी महिला के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा हो रही है तो वे तुरंत वन स्टॉप सेंटर के 181 टोल फ्री नंबर पर तुरंत संपर्क करें। आपको हर संभव सुविधा सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार तुरंत उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी कम डब्ल्यूसीडीपीओ अनीता शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे बेटा बेटी में फर्क कतई ना समझे। बेटियों की परवरिश बेटों की तरह करें। डब्ल्यूसीडीपीओ शकुंतला रहेजा ने कहा कि बेटियाँ शिक्षा, चिकित्सा, आईएएस, आईपीएस सहित हर क्षेत्र में बेटों के समान परिवारों के नाम रोशन कर रही है। सीएमजीजीए रुपाला ने कहा कि बच्चों में ऐसे संस्कार पैदा करें कि वे बच्चे खुलकर मां बाप के साथ अपनी बातें बचपन से ही कहना शुरू करें। बेहिचक होकर बात करने की प्रेरणा बच्चों में डालें।

वन स्टॉप सेंटर की ईन्चार्ज मीनू ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिलाओं को प्रताड़ना पर पुलिस सहायता, मेडिकल सुविधा, कानूनी सहायता सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिक अस्पताल/बादशाह खान अस्पताल में सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार वन स्टॉप सेंटर कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंचायत भवन के कॉन्फ्रेंस हाल में आयोजित किया गया। इसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा लोहड़ी उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बेटियों को शिक्षित करने के करने के लिए और नारी उत्पीड़न पर बचाव के लिए नाटक की प्रस्तुति नाटक मंडली द्वारा देकर उन्हें संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपमडंल के कम लिंगानुपात वाले शहरी क्षेत्रों में गुड़गांव कैनाल एरिया, खेरुदत कॉलोनी आर्य नगर, विष्णु कॉलोनी, सोहन नगर तथा गांव लाढौली, घरोड़ा, जुन्हेड़ा, शाहपुर कलां व नरियाला की महिलाओं का बेटी जन्म पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुपरवाइजर पूनम, शीला देवी, सुनीता रावत, शालू व गीता सहित सम्बंधित आंगनबाड़ी सैंटरो की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बेटियों की माताएं उपस्थित रही।