बढ़ी हुई फीस देने का कंसेंट फॉर्म भरवा रहा है डीएवी Sec 14, मंच ने इसे गैरकानूनी माना

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : डीएवी 14 स्कूल मैनेजमेंट अपने स्कूल के पेरेंट्स से बढ़ी हुई फीस देने और स्कूल के सभी नियम कानूनों को मानने का कंसेंट फॉर्म भरवा रहा है इसके अलावा जिन पेरेंट्स ने एनुअल चार्ज, स्कूल व डेवलपमेंट फंड्स नहीं दिया है उनके बच्चों का रिपोर्ट कार्ड रोक लिया है और  उन्हें प्रमोट नहीं किया है। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधक ने अपने द्वारा बताई गई दुकान से ही किताब, कॉपी खरीदने का फरमान जारी कर दिया है।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने स्कूल की इस मनमानी और गैर कानूनी कार्रवाई का विरोध करते हुए स्कूल प्रिंसिपल को पत्र लिखा है और इन सब नियम विरुद्ध कार्यों पर रोक लगाने की मांग की है। मंच ने पत्र की प्रति मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा, चेयरमैन एफएफआरसी, डायरेक्टर सीनियर सेकेंडरी पंचकूला व जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद को भेज कर इस स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओ पी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि स्कूल मैनेजमेंट ने गुरुवार को  पैरंटस टीचर मीटिंग बुलाकर पेरेंट्स को एक कंसेंट फॉर्म देकर इसे भरकर और हस्ताक्षर करके देने को कहा। जब पेरेंट्स ने कंसल्ट फॉर्म में लिखी हुई  शर्तों व बातों को पढ़ा तो उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि इसमें लिखवाया जा रहा है कि आगामी शिक्षा सत्र में स्कूल प्रबंधक जो भी बढ़ी हुई ट्यूशन फीस व फंड में राशि लेगा उसका पेरेंट्स विरोध नहीं करेगा उस फीस को देना ही होगा इसके अलावा अन्य जो भी नियम कानून स्कूल मैनेजमेंट बनाएगा उसे मानना ही होगा। पेरेंट्स ने इसका विरोध किया है। इसके अलावा कई पेरेंट्स ने मंच को बताया है कि जिन  पेरेंट्स ने एनुअल चार्ज स्कूल व डेवलपमेंट फंड्स जमा नहीं कराया है उनके बच्चों को प्रमोट नहीं किया जा रहा है और ना उनका रिपोर्ट कार्ड दिया जा रहा है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने स्कूल की इस मनमानी का विरोध करते हुए स्कूल प्रिंसिपल मैडम अनीता गोस्वामी को पत्र लिखा है और किए जा रहे इस नियम विरुद्ध कार्य को रोकने को कहा है। मंच ने अपने पत्र की प्रति मुख्यमंत्री सहित अन्य उच्च अधिकारियों को उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित की है।
मंच ने कहा है कि सभी स्कूल प्रबंधक यह तर्क देकर एनुअल चार्ज व अन्य फंडों में राशि पेरेंटस से मांग रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय ने उसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया है कि स्कूल प्रबंधक सब प्रकार की फीस ले सकते हैं। इस बारे में मंच का कहना है कि अभी तक हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने कोई भी ऐसा आदेश नहीं निकाला है कि स्कूल प्रबंधक ट्यूशन फीस के अलावा एनुअल चार्ज व अन्य फंड्स में राशि ले सकते हैं। मंच ने स्कूल प्रबंधक को याद दिलाया है कि ट्यूशन फीस को लेकर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 1 अक्टूबर को जो फैसला दिया था उसके संदर्भ में डायरेक्टर पंचकूला ने  9 अक्टूबर को और चेयरमैन एफएफआरसी फरीदाबाद ने 29 अक्टूबर को आदेश निकाल दिया था। लेकिन उच्चतम न्यायालय व हाईकोर्ट के जिस फैसले का स्कूल प्रबंधक हवाला दे रहे हैं उसके संबंध में अभी तक शिक्षा विभाग ने कोई भी आदेश नहीं निकाला है। मंच इस आदेश की प्रतीक्षा में है। जब तक कोई भी आदेश नहीं निकाला जाता है तब तक स्कूल प्रबंधक किसी भी तरह से अपने पेरेंट्स पर ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी फंडों में फीस देने के लिए दबाव ना डालें और ना किसी का रिपोर्ट कार्ड रोकें और सभी बच्चों को अगली क्लास में प्रमोट करें। मंच ने अभिभावकों से भी कहा है कि वे स्कूल प्रबंधकों के तर्कों पर ज्यादा ध्यान ना दें बिना किसी डर के स्कूलों की मनमानी का विरोध करें और स्कूल प्रबंधकों से उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षा विभाग द्वारा निकाले गए आदेश की प्रति मांगे।