प्रौद्योगिकीय उन्नति के अनुरूप इंजीनियर्स को करना होगा खुद को तैयार : कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

0
188
Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 18 मार्च। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, वाईएमसीए, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित ‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में रुझान और प्रगति’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हो गया। सम्मेलन में देश और विदेश के 100 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा के कुलपति प्रो. आर.पी. तिवारी सत्र के मुख्य अतिथि रहे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की थी। इस अवसर पर फरीदाबाद स्टील मोंगर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और विश्वविद्यालय के एल्युमनाई योगेश गुप्ता मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. राज कुमार, प्रो एम.एल. अग्रवाल, प्रो. संदीप ग्रोवर, प्रो. तिलक राज, प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. अरविंद गुप्ता, प्रो. लखविन्द्र सिंह और प्रो. हरिओम भी उपस्थित थे। सम्मेलन के संयोजक डॉ. भूपिंदर यादव और डॉ. संजीव कुमार ने उद्घाटन सत्र का समन्वय किया।
          कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अध्यक्षीय उद्गार व्यक्त किये। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि फरीदाबाद के औद्योगिक विकास में संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस समय विनिर्माण उद्योग स्वचालन पर आधारित चैथी औद्योगिक क्रांति से गुजर रहा है, जहां अत्याधुनिक तकनीकें जैसे कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और मशीन लर्निंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए, विद्यार्थियों को विनिर्माण उद्योग के लिए जरूरी नई प्रौद्योगिकी को लेकर खुद तैयार करना होगा। उन्होंने भावी इंजीनियरों से आह्वान किया कि वे अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से समाज के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।
          सत्र को संबोधित करते हुए योगेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को भावी कैरियर के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरों को नई उभरती प्रौद्योगिकी, रुझानों और प्रगति को लेकर खुद को जागरूक रखना होगा।
          सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. राज कुमार ने सम्मेलन विषय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सम्मेलन की विषयवस्तु पर यह छठा सम्मेलन 2006 आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान छह आमंत्रित व्याख्यान होंगे और लगभग 70 शोध पत्र तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन के विषय को मुख्य रूप से चार उप-विषयों थर्मल इंजीनियरिंग, औद्योगिक इंजीनियरिंग, डिजाइन और विश्लेषण, उत्पादन और विनिर्माण इंजीनियरिंग में बांटा गया है।
इससे पहले प्रो. संदीप ग्रोवर ने विभाग का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। सत्र को इंस्टीट्यूट ऑफ कॉंक्रंट इंजीनियरिंग, अमेरिका से प्रो. बीरेंद प्रसाद और सेंट्रल क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया से प्रो. सुभाष शर्मा ने भी संबोधित किया। सत्र के समापन पर सम्मेलन के संयोजक डॉ. भूपिंदर यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सम्मेलन की सार-स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों का आयोजन समिति के सदस्य डॉ. संजीव कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. ओ.पी. मिश्रा, डॉ. भास्कर नागर, डॉ. निखिल देव और डॉ. राजीव साहा द्वारा किया जा रहा है।