गांव खोरी में भारी तोडफ़ोड़ को लेकर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता करतार सिंह भड़ाना का दर्द छलका

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 2 अप्रैल। फरीदाबाद स्थित खोरी क्षेत्र में लगभग 2500 मकानों पर की गई भारी तोडफ़ोड़ पर पिछले करीब पांच सालों से चुप्पी साधे बैठे हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता करतार सिंह भड़ाना का दर्द छलका उठा। उन्होंने कहा कि गरीबों के आशियाने उजाड़ कर प्रशासन ने गरीबों के  साथ अन्याय किया है। यहां पर बसे लोगों ने पैसे देकर इस जमीन को खरीदा है और आज गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया। जोकि बेहद दुखद है क्योंकि जिस समय इस क्षेत्र में पैसे लेकर लेकर लोगों को बसाया जा रहा था उस समय किसी प्रशासनिक अधिकारी ने यह नहीं देखा और बसने दिया गया। लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां जमीन खरीदी और आज उन्हें उजाड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि ये अरबों रुपयों का घोटाला हैं। इस की जांच होनी चाहिए। जिस समय इस जमीन में कब्ज़ा हुआ है उस समय जो अधिकारी यहां पर थे उन की भी जांच होनी चाहिए। तथा जिन्होंने जमीन बेची था उनसे वापस पैसे वसूल कर इन गरीबों को लौटाने चाहिए। पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना ने कहा कि है। इस पूरे मामले की सरकार को जांच करानी चाहिए या फिर सीबीआई को यह मामला सौंपा जाना चाहिए। श्री भड़ाना ने उन अफसरों की इंक्वायरी करने की बात की, जो कब्जे के समय बैठे हुए थे। बिना अधिकारियों की मिलीभगत से इतने बड़े पैमाने पर कॉलोनी कैसे बस गई। उन्होंने बताया कि चौटाला साहब की सरकार में उन्होंने मुख्यमंत्री से रिक्वेस्ट की थी, जिसके बाद यह निर्णय हुआ कि जो लोग जहां बैठे हैं, उनसे पैसे वसूल कर लिए जाएं और उनको अप्रूव्ड प्लॉट बनाकर दे दिए जाएं। इससे लोगों को लोन मिल जाएगा और लोगों की लागत जोकि मकानों में लगी है, वह भी बच जाएगी। इससे जहां लोगों का नुकसान होने से बचेगा, वहीं सरकार को भी उसकी जमीन का पैसा मिल जाएगा। लेकिन इस प्रपोजल को लाने से पहले चौटाला साहब की सरकार चली गई और प्रपोजल बीच में रह गया, लेकिन वर्तमान सरकार को लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रपोजल को लाना चाहिए। चौटाला सरकार में जब वह मंत्री थे उस समय भी ये प्रस्ताव आया था की इस जमीन को खाली कराया जाए। उस समय उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया था की क्यों न इन लोगों से इस जमीन के पैसे ले कर इस कॉलोनी को पक्का कर दिया जाए। जिससे सरकार को उसकी जमीन का पैसा भी मिल जाएगा और ये गरीब लोग उजडऩे से बच भी जाएंगे। उस समय तोड़-फोड़ तो रुक गई। लेकिन उनका सुझाव किसी वजह से अमल में नहीं लाया जा सका। बता दें की वर्तमान में करतार सिंह भड़ाना भाजपा में शामिल हैं और एक बार फिर उन्होंने अपनी सरकार को इस सुझाव  को मानने की सलाह देते हुए कहा कि इस जमीन को जिन लोगो को बेचा है और जिस समय इस जमीन पर कब्जा हुआ। उस समय यहां पर जो अधिकारी तैनात थे। उनकी सरकार को उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और यदि कोई नतीजा ना निकले तो सीबीआई जांच होनी चाहिए । पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना ने कहा कि फरीदाबाद में काफी झुग्गी-झोंपड़ी हैं। आज सभी झुग्गी-झोपड़ी शहर के अन्दर आ चुकी हैं। उन सभी  पर इस सुझाव को भाजपा सरकार को लागू कर देना चाहिए। ताकि तोड़-फोड की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाए। श्री  भड़ाना ने कहा कि शहर के विकास मे  इन गरीब लोगों का भी उतना ही योगदान है। जितना कि स्थानीय और अन्य लोगों का। इस लिए  सरकार को गरीबों को उजाडऩे से पहले संवेदनशीलता से उनके सुझाव पर विचार करना चाहिए।