फोर्टिस के डॉक्टरों ने हृदय रोगी मरीज के घुटनों की सर्जरी को 20 मिनट में दिया अंजाम

0
977

Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 12 फरवरी फॉर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल फरीदाबाद के डॉक्टरों की टीम ने एक चुनौतीपूर्ण क्लीनिकल उपलब्धि हासिल कर दिखाई जब उन्होंने गठिया ग्रस्त और नाजुक दिलवाले एक मरीज के घुटने का ऑपरेशन किया। 73 वर्षीय मरीज गंभीर हृदय विकार से ग्रस्त था। और इंजेक्शन फ्रैक्शन रेट मात्र 20 फीसदी ही थी इसके अलावा मरीज डायबिटीज से पीड़ित थे। और रूमेटाइड अर्थराइटिस से ग्रस्त थे। उनकी घुटनों की सर्जरी 20 मिनट में संपन्न हो गई। डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व डॉ हरीश घूटा (एडिशनल डायरेक्टर आर्थोपेडिक) एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेट कर रहे थे दयाराम चौहान पिछले 5 वर्षों से रूमेटाइड अर्थराइटिस के शिकार थे पिछले 2 वर्षों से उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। जिसकी वजह से उनके जीवन पर काफी खराब असर पड़ने लगा था उनके दिल की हालत भी काफी बिगड़ी हुई थी। यही वजह है कि इससे पहले उन्हें दो अस्पताल घुटनों के ऑपरेशन के लिए मना कर चुके थे वह प्रतिदिन गुरुग्राम अपने ऑफिस आते जाते है। लेकिन घुटनों में दर्द बढ़ जाने की वजह से उन्हें चलने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। उन्हें प्यास लगने के कारण प्यासा रहना पड़ रहा था क्यकि दिल की हालत की वजह से 24 घंटे में उनकी फ्लूड इंटेक 1 लीटर से कम थी लगातार दर्द रहने की वजह से उनकी मोबिलिटी काफी प्रभावित हुई थी। और कुछ समय बाद उनके पैर भी मुड़ गए थे जब वह फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर से मिले तो अस्पताल की मल्टीस्पेशलिटी टीम ने उनके मामले की जांच की और न्यूनतम जोखिम तथा अर्थराइटिस में अधिक से अधिक राहत दिलाने के मकसद से उनके इलाज पर विचार विमर्श किया, टीम की क्लीनिकल विशेषता के चलते रिकॉर्ड समय में सर्जरी को अंजाम दिया। साथ ही मरीज की कार्डियाक कंडीशन का भी पूरा ध्यान रखा गया। घुटनों की सर्जरी करते हुए दिल की सेहत बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण था। कम समय के अंदर सर्जरी का फैसला इसलिए किया गया ताकि दिल पर दवाओं और फ्लूड का दबाव कम से कम हो। वही डॉक्टर ने बताया कि जब उन्होंने मरीज की जांच की तो समझ में आया कि उन्हें इंजेक्टेबल्स दवाएं नहीं दी जा सकती। एनेस्थिटिक प्रकिया से उनका ब्लड प्रेशर गिर सकता था। जिसकी वजह से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती। इसलिए डॉ संजय कुमार के साथ सलाह मशविरा कर उपचार की योजना तैयार की। करीब 20 मिनट के अंदर मरीज की सर्जरी पूरी कर दी गई। ताकि कार्डियाक फेलियर की संभावना को दूर किया जा सके। सर्जरी के बाद आईसीयू टीम ने मरीज की पूरी देखभाल की,अब मरीज को किसी किस्म का दर्द नहीं है अब वह बिना किसी परेशानी के चल फिर सकते हैं। वही मरीज दयाराम चौहान ने कहा कि मैं उन सभी डॉक्टरों का आभारी हूं। जिन्होंने मुझे बिना किसी तकलीफ के चलने फिरने लायक बनाया है और मेरे जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। गठिया की वजह से होने वाला दर्द पूरी तरह चला गया है और मैं बिना किसी तकलीफ के चल फिर सकता हूं।