जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने जारी किया संशोधित अकादमिक कैलेंडर

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj :17 मई जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए संशोधित अकादमिक कैलेंडर जारी किया है तथा सभी पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षा और शैक्षणिक सत्र 2020-21 शुरू करने के लिए तारीखों की घोषणा की है। इसकेे साथ-साथ विश्वविद्यालय ने 18 मई से 25 जून, 2020 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा भी की है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित अकादमिक कैलेंडर के अनुसार, सभी पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमेस्टर परीक्षाएं 1 से 10 जुलाई, 2020 तक आयोजित की जायेंगी। हालांकि, अन्य सेमेस्टर की परीक्षाएं 11 जुलाई, 2020 से आयोजित की जायेंगी। आगामी शैक्षणिक सत्र में मौजूदा विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं 1 अगस्त, 2020 से शुरू होंगी जबकि नये सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं 1 सितंबर, 2020 से शुरू होंगी।
यूजीसी के दिशानिर्देशों की अनुपालन करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में शैक्षणिक कैलेंडर तथा परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक बदलावों को लेकर निर्णय लेने के लिए एक 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने मौजूदा अकादमिक कैलेंडर में बदलावों, सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन तथा नये शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षाएं शुरू करने के कार्यक्रम को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित करवाने के लिए प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय सामाजिक दूरी के मानदंडों की अनुपालना करते हुए ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं आयोजित करवाने कोे प्राथमिकता देगा और इसकी संभावनाओं पर हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। हालांकि ऑफलाइन मोड में परीक्षाओं का आयोजन व्यवहारिक न होने की स्थिति में परीक्षाएं “ऑनलाइन मोड” में भी आयोजित की जा सकती है, जिसके लिए संभावनाओं और विकल्पों का पता लगाया जा रहा है।
कुलपति ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो विश्वविद्यालय परीक्षा की अवधि 3 घंटे से घटाकर 2 घंटे करने पर विचार कर सकता है ताकि परीक्षा प्रक्रिया को कई शिफ्टों में पूरा किया जा सके। ऐसी स्थिति में परीक्षा मानदंडों की गुणवत्ता को सुनिश्चित बनाया जायेगा।
यदि किन्ही परिस्थितियों में संभावित मोड से परीक्षाओं का आयोजन संभव न हुआ तो ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय यूजीसी की सिफारिशों पर विचार करते हुए पिछले सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल अस्समेंट) और प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की समीक्षा जुलाई 2020 के पहले या दूसरे सप्ताह में की जाएगी।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय वर्तमान महामारी संकट के दौरान छात्रों की परीक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू करेगा।
अकादमिक मामलों के डीन डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि कि मौजूदा सत्र में लॉकडाउन की अवधि केे दौरान सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की हाजिरी कोे उपस्थिति माना जायेगा और विश्वविद्यालय 31 जुलाई, 2020 तक वर्तमान सेमेस्टर से संबंधित सभी अपेक्षित गतिविधियों को पूरा करने के लिए सभी प्रयास करेगा।
आगामी सत्र से विद्यार्थियों को ऑनलाइन इंटर्नशिप और गतिविधियाँ करने की अनुमति होगी जिसमें वे गतिविधियाँ शामिल होगी जिन्हें सेमेस्टर के दौरान डिजिटल या घर से जा सकता है। हालांकि, मौजूदा सेमेस्टर में लॉकडाउन से पहले उद्योग में अपनी इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण पूरा करने विद्यार्थियों के मामले में विश्वविद्यालय ऐसी इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण के ऑनलाइन मूल्यांकन पर विचार करेगा। इसके अलावा, पीएचडी स्कॉलर्स को डिग्री पूरी करने और थीसिस जमा करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जायेगा। पीएचडी के लिए वाइवा परीक्षा का आयोजन वीडियो कांफ्रेेसिंग के माध्यम करवाने की अनुमति होगी।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, एक्सटर्नल प्रैक्टिकल परीक्षाएं 21 से 30 मई, 2020 तक आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, विद्यार्थियों द्वारा सभी प्रकार के प्रोजेक्ट एवं डिजर्टेशन जमा करवाने तथा वाइवा परीक्षा का आयोजन 5 जून से 15 जून, 2020 तक किया जायेगा। सभी प्रैक्टिकल और वाइवा परीक्षाएं वीडियो कांफ्रेेसिंग के माध्यम से की जायेंगी।