अंबानी-अडानी के हाथों की कठपुतली बनी मोदी सरकार : मनोज अग्रवालअंबानी

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा कुमारी सैलजा के निर्देशानुसार सोमवार को सेक्टर-3 स्थित जाट भवन में हरियाणा कांग्रेस के स्टेट सोशल मीडिया इंचार्ज मनोज अग्रवाल द्वारा किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप में 52 पालों के अध्यक्ष अरूण जैलदार ने शिरकत करके राजा बल्लू की नगरी से तीनों कृषि कानूनों के रद्द होने तक किसान आंदोलन के जारी रखने का आह्वान किया। सम्मेलन में बल्लभगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के सैकड़ों किसानों के साथ-साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी बढ़चढक़र लिया गया। सम्मेलन के आरंभ में कार्यक्रम के आयोजक कांग्रेसी नेता मनोज अग्रवाल ने अरूण जैलदार व उनके साथ आए किसान नेताओं को हल भेंट करके तथा उनको सम्मान रूपी पगड़ी बांधकर उनका स्वागत किया। इस दौरान सम्मेलन में मौजूद किसानों ने एक स्वर से ‘जय जवान-जय किसान’ किसान एकता जिंदाबाद  के गगनचुंबी नारे लगाकर पूरे माहौल को गूंजामय कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम का मंच संचालन कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र चंदेलिया द्वारा किया गया। सम्मेलन में आए किसानों को संबोधित करते हुए अरूण जैलदार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर थोपे गए तीनों कृषि विधेयक किसान विरोधी है और अगर यह विधेयक वापिस नहीं होते तो किसानों का अनाज तिजोरियों में रखने का सामान बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आवाज दबाने का काम कर रही है, लेकिन देश का अन्नदाता किसान किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं और जब तब मोदी सरकार इन तीनों काले कानूनों को वापिस नहीं ले लेती, तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद किसानों से आह्वान किया कि वह इस आंदोलन में बढ़चढक़र हिस्सा लेकर इसे कामयाब बनाने में अपना योगदान दें। इस अवसर पर किसान सम्मेलन के आयोजक एवं बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अंबानी-अडानी के हाथों की कठपुतली बनकर किसानों को कमजोर करना चाहती है क्योंकि ये कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति लोगों के लिए सरकार ने बनाएं है।  उन्होंने कहा कि पिछले 78 दिनों से चल रहे इस आंदोलन में सैकड़ों किसान शहीद हो गए है और लाखों सडक़ों पर संघर्ष कर रहे है परंतु भाजपा सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही, किसी भी भाजपा नेता ने किसानों की सुध तक नहीं ली है, जिससे साबित होता है कि भाजपा की नीति और नीयत दोनों ही किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को वापिस लेने के बजाए भाजपा सरकार किसानों को बदनाम करने में लगी है और इस आंदोलन को खत्म करने के लिए साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपना रही है, परंतु कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता किसान आंदोलन में पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है और जब तक सरकार इन काले कानूनों को वापिस नहीं ले लेती, तब तक कांग्रेस कार्यकर्ता भी चैन से नहीं बैठेेगा। उन्होंने सम्मेलन में आए सभी किसानों का आभार जताते हुए कहा कि आज उन्होंने जिस एकजुटता का सबूत दिया है, उससे साबित हो गया है कि आने वाले दिनों में सरकार अवश्य झुकेगी और तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेगी। इस अवसर पर पाल प्रधान ज्ञान सिंह चौहान, डागर पाल प्रधान धर्मबीर डागर, औरंगाबाद पाल पंच जयनारायण, लच्छीराम, गजराज सिंह, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश सचिव संजय त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता योगेश ढींगड़ा, कांग्रेस ओबीसी सैल के प्रदेश चेयरमैन ललित भड़ाना, किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राकेश तंवर, पूर्व प्रदेश महासचिव पं. राजेंद्र शर्मा, विजय कौशिक, अशोक रावल, अनीशपाल, मोहन ढिल्लो, नरेश वैष्णव, बाबूलाल रवि, एडवोकेट अनुज शर्मा, संतराम मेघवाल, संजय सोलंकी, सुंदर नेताजी, कमला मलिक, राजेश सिंह, शारदा पांचाल, शकील खान, निरंजन सिंह सरपंच, शुभम कसाना, ललित मथादू, दौलती सरपंच, उदल नंबरदार, प्रहलाद मेम्बर, धीरज राणा, बच्चू लाम्बा, राजकुमार सिंह, महेश मेम्बर, राजेश मेम्बर, रमेश प्रधान, निरपाल सिंह, सतबीर मेम्बर, सुनील सरपंच, हरपाल धनखड़, राहुल गुप्ता, श्रवण माहेश्वरी, धर्मवती, प्रतापवती, साहिल खान, शकीरन खान, सोनू चौधरी, सतबीर नंबरदार, प्रताप शर्मा सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद थे।