महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा का आयोजन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 17 मार्च। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण मुक्त हरियाणा बनाने की ओर सकारात्मक दिशा में सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें पोषण के 5 सूत्र जैसे कि बच्चे के पहले हजार दिन एनीमिया, डायरिया हाथ धोना और साफ-सफाई तथा पौष्टिक आहार विविधताओं से युग संपूर्ण योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए एसडीएम अपराजिता ने बताया कि उपमंडल में पोषण पखवाड़े के तहत आगामी 31 मार्च तक महिला एवं बाल विकास विभाग सहित इस अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चे के पहले 1000 दिन गर्भवती से 2 वर्ष की आयु तक विशेष रूप से खानपान का ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे को कुपोषण से कैसे बचाया जा सकता है, बारे विशेष रूप से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2 वर्ष तक की आयु तक बच्चे का मानसिक विकास अधिक विकसित होता है। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चे के प्रथम 2 वर्ष में वह कुपोषण का शिकार ना हो और उसका हेल्थ चैक अप सुचारू रूप से हो। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से बच्चों का वजन और हाइट मापी जाएगी। जो बच्चे कुपोषण के से ग्रस्त हैं, उनका उपचार बारे सलाह मशवरा दिया जाएगा। इन कार्यक्रम में बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा।
इसी कड़ी में बल्लभगढ़ उपमंडल के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में उपायुक्त यशपाल के दिशा निर्देशों अनुसार सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार और एसडीएम अपराजिता के मार्गदर्शन में बच्चों को कुपोषण से बचने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके आमजन को जागरूक किया जाएगा। महिला महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता शर्मा के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बल्लभगढ़ ग्रामीण क्षेत्र की डब्ल्यूसीडीपीओ शकुंतला रखेजा ने पोषण पखवाड़े बारे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पौषण पखवाड़े के तहत आज बुधवार को गांव नरियाला और नरहावली में कुपोषण जागरूकता अभियान चलाया जाएगा चलाया गया। इस अभियान में कुपोषण मुक्त हरियाणा बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी वर्करों व सहायकों को विशेष रूप से सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार निर्देश दिए गए हैं कि वे पोषण पखवाड़े के तहत सभी कार्यक्रमों का आयोजन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि के लिए बच्चे के 1000 दिन गर्भवती से 2 वर्ष की आयु तक विशेष रूप से खानपान का ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे को कुपोषण से कैसे बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2 वर्ष तक की आयु तक के बच्चे का मानसिक विकास अधिक डेवलपमेंट होता है। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चे के प्रथम 2 वर्ष में वह कुपोषण का शिकार ना हो।
उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़े में आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से बच्चों का वजन और हाइट मापी जाएगी और जो बच्चे कुपोषण के से ग्रस्त हैं उनका उपचार बारे सलाह मशवरा दिया जाएगा। सीडीपीओ शकुंतला रखेजा ने बताया कि आज बुधवार को नरियाला व नरहावली में पोषण पखवाड़े के तहत जन आंदोलन कार्यक्रम इसमें सुपरवाइजर गीता की देखरेख में यह कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पोषण पखवाड़े के तहत गत 16 मार्च में आज 17 मार्च को आंगनबाड़ी केंद्रों में औषधीय पौधों का वितरण किया जाएगा। कल 18 व परसों 19 मार्च को पोषण पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इनमें सीआरआई सदस्यों को कुपोषण की व्यापकता और इसके परिणामों के बारे जागरूक शिविर आयोजित किए जाएंगे। ताकि यह जागरुकता अभियान जन आंदोलन का रुप ले ले। पोषण वाटिका खाद्य वानिकी एवं कुपोषित बच्चों की पहचान करके उसके प्रबंधन बारे जागरूक किए जाएंगे। इसी प्रकार 20 व 21 मार्च को आयुष विभाग द्वारा कुपोषण उन्मूलन आयुष सिद्धांतों और प्रथाओं के उपयोग बारे महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। 22 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा वेबीनार के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जाएगा और 23 व 24 मार्च को मार्च को योगाभ्यास करवाए जाएगें। उन्होंने आगे बताया कि 25 व 26 मार्च को सामुदायिक परिसरों में पोषण वाटिका राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा बीजों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि 27 व 28 मार्च को पोषण के 5 सूत्र जैसे कि बच्चे के पहले हजार दिन एनीमिया, डायरिया हाथ धोना और साफ-सफाई तथा पौष्टिक आहार विविधताओं से युग संपूर्ण योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसी प्रकार 29 व 30 मार्च को पारंपरिक व्यंजन, मेरी रसोई, मेरा औषधालय, रेसिपी प्रतियोगिता, भोजन पर कहानियां, ड्राइंग सपर्धा एवं माताओं की बैठक आयोजित करके उन्हें जागरूक किया जाएगा। आगामी 31 मार्च को पोषण पखवाड़ा पोषण नर्सरी, विकास संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दिशा में आगे की योजनाएं बनाई जाएंगी। फोटो संगलन- डब्ल्यूसीडीपीओ शकुंतला रखेजा पोषण पखवाड़े के तहत जागरूक कार्यक्रम आयोजित करते हुए साथ में है सूपरवाइजर गीता।