हरियाणा में सरकारी स्कूल के छात्रों को ऑनलाइन से शिक्षा प्रदान की जा रही है

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 1 मई उपायुक्त यशपाल के नेतृत्व में “शिक्षित हरियाणा परियोजना ने शिक्षकों और छात्रों को कक्षा शिक्षण के लिए ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड पर स्विच करने में सहायता की है। ऑनलाइन सीखने के लिए छात्रों में एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। इस परियोजना ने पूरे प्रदेश में ही नहीं, देश में क्रांति ला दी है कि कैसे हरियाणा में सरकारी स्कूल के छात्रों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जा रही है और अन्य राज्यों द्वारा भी इसका अनुसरण किया जाएगा।
फरीदाबाद की हरियाणा परियोजना को प्रदेश के सभी जिलों तक बढ़ाया गया है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 के मद्देनजर शिक्षा विभाग द्वारा इसी पद्धति को अपना कर विद्यार्थियों को एजु सैट के माध्यम से आन लाइन शिक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के सुशासन परियोजना के तहत गत सितंबर 2019 के महीने में फरीदाबाद द्वारा शुरू किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट को हरियाणा सरकार द्वारा घर से पधारो नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी फरीदाबाद अतुल सहगल द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट एजूसैट के माध्यम से और यूट्यूब व वाट्सएप के माध्यम से अपने स्कूल के बाद भी छात्रों को मुफ्त शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए एक विजन के साथ शुरू हुआ था।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 के समय में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा घर पर स्कूली शिक्षा की सुविधा के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों के ’स्टार शिक्षकों’ द्वारा बनाए गए 400 से अधिक वीडियो व्याख्यान पूरे हरियाणा में सभी छात्रों को लाभान्वित कर रहे हैं। छात्र इन वीडियो व्याख्यान से जो सीखते हैं, उसे रिकॉर्ड करने के लिए एक अलग नोटबुक बनाए हुए हैं। विडियो व्याख्यान की गतिविधियों और सीखने की सामग्री को शिक्षकों द्वारा अभिभावकों के साथ व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से सांझा किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए, सभी वीडियो लेक्चर को हरियाणा बोर्ड के पाठ्यक्रम में मैप किया जाता है और इसमें प्रासंगिक चित्र व एनीमेशन प्रभाव शामिल होते हैं। इस प्रकार हरियाणा शिक्षा बोर्ड के छात्रों को मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी लाकडाउन के मद्देनजर सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। छात्रों को शैक्षणिक नुकसान को कम करने के लिए, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने फरीदाबाद में हरियाणा अभियान के सफल पायलट के रूप में घर से पढाओ अभियान शुरू किया है। सभी शिक्षकों ने माता-पिता के फोन नंबर एकत्र किए हैं और कक्षावार व्हाट्सएप ग्रुप और एसएमएस संपर्क बनाए हैं। शिक्षक हर रोज माता-पिता के साथ सीखने की सामग्री साझा कर रहे हैं, साथ ही उन्हें प्रेरणा, सहायता और मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्र घर पर सीख रहे हैं। इसके अलावा, शिक्षक माता-पिता को फोन करके और उनके साथ छात्र पुस्तिकाओं की तस्वीरें साझा करने के लिए कहकर हर रोज कम से कम 2 छात्रों की प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। सभी वीडियो व्याख्यान स्वतंत्र रूप से उपलब्ध हरियाणा आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं। शिक्षकों को वीडियो सबक स्ट्रीम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। छात्रों को महत्वपूर्ण असाइनमेंट और वर्कशीट भेजें और असाइन किए गए कार्यों को समझाने के लिए छात्रों के साथ वॉइस नोट्स सांझा करें। इस परियोजना को एनटीपीसी फरीदाबाद, फरीदाबाद के इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, एम श्रृष्टि और वी समर्थन फाउंडेशन द्वारा भी समर्थित किया गया है। जिला प्रशासन के इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप छात्रों के सीखने के परिणामों में सुधार हुआ है। इसी कड़ी में फरीदाबाद ब्लॉक को सक्षम ब्लॉक के रूप में मान्यता दी गई है (यानी 80 प्रतिशत छात्र ग्रेड स्तर के सक्षम हैं और ब्लॉक बल्लभगढ़ के ग्रेड 3-6 भी सक्षम को ’सक्ष्म् के पास’ ब्लॉक बना रहे हैं।  जिला शिक्षा अधिकारी सतिंदर कौर वर्मा और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत तथा उप जिला शिक्षा अधिकारी मुनेश चैधरी, डीपीसी आरके खान, बीईओ प्रेमलता, इंदु गुप्ता के कुशल नेतृत्व व और सभी शिक्षकों के सहयोग से सभी शिक्षकों और छात्रों के लिए बहुत बड़ी सफलता है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी फरीदाबाद के अतुल सहगल ने सांझा किया कि निष्क्रिय हरियाणा परियोजना के पीछे उनकी व्यक्तिगत प्रेरणा रही है। उन्होंने बताया कि सिस्टम में गुणवत्ता वाले शिक्षकों को प्रकाश में लाएं और उन्हें उचित मान्यता दें। स्कूल के घंटों के बाद भी छात्रों को सीखने का मुफ्त साधन प्रदान करें। उन्हेांने बताया कि इस कार्य में एनटीपीसी का भी बड़ा योगदान रहा। एनटीपीसी की एजीएम प्रेमलता ने इस प्रोजैक्ट के तहत करीब 40 लाख सीएसआर के तहत उपलब्ध कराएं, जोकि इस प्रोजैक्ट को आगे बढ़ाने में काफी मददगार सिद्ध हुए।