अल्लाह की इबादत और जरूरतमंद लोगों की सेवा से बढक़र कोई सकून नहीं : हाजी अली हसन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 8 मई देश में लगे लॉकडाउन पीरियड से ही लगातार सेवा में लगे समाजसेवी हाजी अली हसन का मानना है कि रमजान के पाक महीने में अल्लाह की इबादत करने और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने से जो सकून का अहसास होता है, उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। हाजी अली हसन फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिदिन अपनी गाड़ी भरकर लोगों को घर-घर जाकर राशन पहुंचाते हैं। जहां से भी इनको जरूरतमंद लोग मदद के लिए गुहार लगाते हैं, वहां यह स्वयं पहुंचते हंै और उनको राशन मुहैया कराते हैं। हाजी अली हसन ने राशन की स्पेशल किट बनाई है, जिसमें केवल आटा, दाल ही नहीं अपितु दैनिक जरूरत का हर सामान है जो घर में चाहिए होता है। इसमें मसालों से लेकर, तेल, नमक मिर्च, चाय की पत्ती, दालें आदि सभी जरूरत का सामान होता है। हाजी अली हसन ने बताया कि उनका सदैव से ही लोगों की सेवा करने में बड़ा लगाव रहा है और इस कार्य में इनके माता-पिता एवं बड़े भाई जफरूदीन सैफी के रूप में इनके पीछे उत्साहवर्धन करते हैं। हाजी अली हसन ने बताया कि समाजसेवा की यह सीख उनको बुजुर्गों से मिली है। उनके दादा एवं उसके बाद उनके पिता जी समाजसेवा करते रहे हैं। हाजी अली हसन न केवल इस संकट की घड़ी में बल्कि इससे पूर्व भी लगातार लोगों की सेवा किसी न किसी रूप में करते रहते हैं। हाजी अली हसन जहां, लोगों को राशन बांट रहे हैं वहीं अपनी गली एवं आसपास के क्षेत्र में स्वयं अपने निजी खर्चे पर सैनीटाइजेशन करा रहे हैं। इनका कहना है कि सेवा से बढक़र कोई परमोधर्म नहीं है। इनके साथ शमीम आलम सैफी, अनीस अहमद, अशद सैफी एवं खालिद सैफी इनके बच्चे भी सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।