ट्रैफिक पुलिस फरीदाबाद ने मनाया सड़क सुरक्षा माह

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : जैसा कि आप सभी जानते हैं फरीदाबाद पुलिस हर वर्ष सड़क सुरक्षा माह मनाती है ताकि सड़क पर हो रहे हादसे में कमी लाई जा सके और ज्यादा से ज्यादा वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया जा सके।
इस वर्ष ट्रैफिक पुलिस फरीदाबाद 32 वा सड़क सुरक्षा महा मना रही है यह 18 जनवरी 2021 से 17 फरवरी 2021 तक मनाया जाएगा।
सड़क सुरक्षा माह के दौरान ट्रैफिक पुलिस सड़क पर आम लोगों से कैसा व्यवहार रखें इस संबंध में मानव रचना संस्थान में आज पुलिस कमिश्नर श्री ओ पी सिंह ने जिले के सभी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को अच्छे व्यवहार करने के लिए एक ट्रेनिंग का आयोजन किया गया।
पुलिस कमिश्नर श्री ओपी सिंह ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं सभी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को इस बात के लिए बधाई देता हूं कि ड्यूटी के दौरान आपका ट्रन आउट भी अच्छा होता है और आप दुरुस्त मिलते हैं।
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी रोड पर बहुत मेहनत करते हैं। अलग-अलग मौसम में अलग-अलग परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।
हमें मालूम है कि ट्रैफिक ड्यूटी बहुत कठिन है इस दौरान समय की बहुत कमी होती है लेकिन फिर भी जितना समय मिले उसको योगा मेडिटेशन में इस्तेमाल करें ताकि तनाव को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इंसान को लालच और भय से दूर रहना चाहिए यह दोनों ही चीज इंसान को तनाव की तरफ लेकर जाती है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन कार्रवाई के साथ में आपका व्यवहार शालीन होना चाहिए।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से कहा कि कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने व्यवहार और ड्यूटी का अनुभव साझा करें।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस में तैनात हवलदार सतीश ने बताया कि वह ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात थे। उन्होंने एक साइड से ट्रैफिक को रोक हुआ था जिस तरफ से ट्रैफिक को रोका हुआ था वहां पर एक महिला चालक बार-बार और लगातार होरन बजा रही थी तभी ट्रैफिक पुलिसकर्मी भागकर उसके पास गया और उससे कारण पूछा तो उसने बताया कि वह गर्भवती है और उसको कभी भी बच्चा हो सकता है तभी हवलदार सतीश ने दूसरी तरफ से ट्रैफिक को बंद कर महिला को फटाफट निकाला महिला इस दौरान स्वयं ही गाड़ी चला रही थी इस दौरान उसके साथ और कोई भी नहीं था।
लगभग 2 सप्ताह बाद महिला अपने पति और अपने सास-ससुर के साथ उनसे मिलने के लिए आई और उनको मिठाई खिलाई और उस दिन मदद करने के लिए तहे दिल से पूरे परिवार ने धन्यवाद किया।
जिस पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अच्छे व्यवहार और मदद करने पर हमें बहुत अच्छा महसूस होता है इससे ना केवल हम खुश रहते हैं बल्कि हमें तनाव से भी छुटकारा मिलता है।
सड़क पर लोगों की मदद करें उनसे अच्छा व्यवहार करें स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें अपने बच्चों का ध्यान रखें उनको अच्छी शिक्षा दें।