बिना इजाज़त धरना-प्रदर्शन करने वाले पर की जाएगी क़ानून अनुसार कार्रवाई

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : निकिता मर्डर केस मे न्याय की मांग की आड़ में करीब 200 प्रदर्शनकारियों के द्वारा दुकानों पर पथराव करने / नेशनल हाईवे जाम करने की कोशीश की गई।
रोकने पर असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर भी बरसाए पत्थर, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को किया तितर-बितर।
30 लोगों को राउंडअप किया गया है बाकी और को चिन्हित किया जा रहा है। इनमें से कई फ़रीदाबाद से बाहर के हैं। पूछताछ में ये पता किया है माहौल ख़राब करने की साज़िश के पीछे कौन है। पुलिस उसके खिलाफ भी सख़्त कार्रवाई करेगी।
पथराव में दस पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। उनका मेडिकल करवाया गया है।
बता दें कि पुलिस निकिता मर्डर केस में मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।
इस केस मे श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा एसआईटी का गठन किया जा चुका है। एसआईटी द्वारा वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से अनुसंधान करके शीघ्र चालान कोर्ट में दिया जाएगा ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
आज दिनांक 1 नवंबर 2020 को सर्व बिरादरी संगठन की तरफ से दशहरा ग्राउंड में पंचायत की जा रही थी। इस भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्व हाईवे की तरफ चल दिए। जिसमें करीब 200 असामाजिक तत्वों ने दुकानों पर पथराव किया और हाईवे को जाम करने की कोशिश कर रहे थे।
जब पुलिस ने इन असामाजिक तत्वों को रोकना चाहा तो पुलिस पर भी पथराव किया। जिस पर मौजूद पुलिस बल ने असामाजिक तत्व के खिलाफ हल्का बल प्रयोग कर उनको तितर-बितर किया गया।
पुलिस ने मौके से करीब 30 असामाजिक तत्वों राउंडअप किया गया है अन्य जो पत्थर बाजी करने में शामिल थे उन्हे  चिन्हित किया जा रहा है।
फरीदाबाद का माहौल खराब करने वाले राउंडअप किए गए असामाजिक तत्वों में से दो नोएडा से दो गाजियाबाद गौतमबुद्धनगर से तीन दिल्ली से तीन पलवल से एक गुड़गांव से 2 मेवात से है पुलिस यह लगाने पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनको किन लोगों ने यहां भेजा था और हाईवे जाम, दुकानो मे तोड़फोड़ व पत्थरबाजी करने का इनका मकसद क्या था।
डीसीपी बल्लबगढ़ श्री सुमेर सिंह यादव ने कहां की कानून एवं शांति व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी, इस तरह की अराजकता शहर में बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी फरीदाबाद वासियों से अनुरोध है शांति बनाए रखें। पुलिस पीड़ित परिवार के साथ है दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी लेकिन धरना प्रदर्शन के नाम पर आम शहरी को  परेशानी मे ना डाले और कानून व्यवस्था बनाये रखे।