कोविड-19 से संक्रमित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं : उपायुक्त यशपाल

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 9 मई। उपायुक्त यशपाल ने बताया कि जिला फरीदाबाद में कोविड-19 वैश्विक महामारी से संक्रमित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला के आठ जोनों बनाकर आठ इंसीडेंट कमांडर  की नियुक्तियां की गई है। उन्होंने बताया कि जिला फरीदाबाद में कोविड-19 के संक्रमण से ग्रस्त लोगों के उपचार के लिए सभी आठ जोनों में 21 अस्पताल बनाए गए हैं। इसके अलावा एक अस्पताल गांव छाँयासा में श्री अटल बिहारी वाजपई मेडिकल कॉलेज को पूर्ण रूप से 100 बडों का कोविड-19 के उपचार के लिए बनाकर भारतीय सेना के सुपुर्द किया गया है। उपायुक्त यशपाल ने बताया कि जिला में अलग-अलग अस्पतालों में प्रशासन द्वारा 1 हजार 585 बैड कोविड-19 के संक्रमित लोगों के उपचार के लिए बनाए गए हैं। चिकित्सा विभाग से प्राप्त जानकारी के  जिला में आज कुल 1 हजार 3 कोविड-19 के मरीज अलग-अलग बैडों पर उपचार ले रहे हैं। इनमें आईसीयू के 330  बेड है। इन पर कोरोना-19 के संक्रमण के 309 मरीजो का उपचार किया जा रहा है। इसी प्रकार जिला में कोरोना उपचार के लिए 106 वेंटिलेटर की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा गई है। जबकि वेंटीलेटर पर 96 लोग कोविड-19 का उपचार ले रहे हैं। जिला में  कोविड-19 का उपचार ले रहे लोगों में से 771 लोग फरीदाबाद जिला से संबंधित रखते हैं और 356 जिला से बाहर के लोग विभिन्न अस्पतालों में कोविड-19 इलाज ले रहे हैं। चिकित्सा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला में  कोराना संक्रमण से मध्यम बीमारी के 753 मरीज उपचार ले रहे हैं। ज्यादा बीमार 216 है। थोड़े बीमारी के लोगों की संख्या 158 है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा लोगों को होम आइसोलेट भी किया जा रहा है।  उपायुक्त यशपाल ने बताया कि बल्लभगढ़ के सेक्टर- 3 में भी सामुदायिक भवन को कोविड-19 के सक्रमित लोगों का उपचार केंद्र बनाया गया है। यहां पर लगभग 50 कोरोना से ग्रस्त लोगों का उपचार करने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि इन अस्पतालों में सुप्रीम अस्पताल में डॉ. विनीता को नोडल अधिकारी लगाया गया है और यहां पर कोराना उपचार के लिए 5 बेड उपलब्ध हैं। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉ. गजराज को मेडिकल नोडल अधिकारी बनाया गया है और यहां पर 580 कोविड-19 बैड उपलब्ध हैं। एशियन अस्पताल में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नवदीप सिंह नैन को नोडल अधिकारी बनाया गया है यहां पर 137 बेड लगाए गए है। डॉ. हरीश अस्पताल में डॉ. अपूर्व को नोडल अधिकारी और वहां पर 17 बेड है। राज नर्सिंग होम में डॉ. अपूर्व को नोडल अधिकारी बनाया गया है वहां 17 बेड, यूरोकेयर अपोलो मल्टी एंड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डॉ. अपूर्व को नोडल ऑफिसर वहां पर 2 बेड है, पवन अस्पताल युनीट-2 में डॉ. प्रियंका को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 11 बेड, लाइफ अस्पताल में डॉ. गजराज को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 10 बेड, वी केयर मल्टी स्पेशलिस्ट हेल्थ सेंटर में डॉक्टर कुलदीप को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 12 बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आरके अस्पताल में डॉ गजराज को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 11 बेड, संजीवन अस्पताल में डॉ विपिन को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 14 बेड, गीतांजलि अस्पताल में डॉ. विपिन को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 20 बेड, एसएमएस अस्पताल में डॉ. विपिन को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 15 बेड की सुविधा उपलब्ध है। गौरव हॉस्पिटल में डॉ. समरजीत को नोडल अधिकारी लगाया गया वहां पर 25 बैड,  पारस अस्पताल में डॉ. गजराज सिंह को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 65 बेड, शंकर मेडिकेयर अस्पताल में डॉ. ज्योति को नोडल अधिकारी लगाया गया है वहां पर 35 बेड, अल्फला अस्पताल में नोडल अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर नवदीप सिंह नैन को वहां पर 150 बेड, फॉर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में नोडल अधिकारी नवदीप सिंह नैन को वहां पर 55 बेड, एसएसबी अस्पताल में नोडल अधिकारी नवदीप सिंह नैन को वहां पर 109 बेड, सर्वोदय सेक्टर- 8 अस्पताल में डॉ. नवदीप सिंह नैन को वहां पर 125 बेड की सुविधा है। उन्होंने बताया कि मेट्रो अस्पताल में नोडल अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर नवदीप सिंह को लगाया गया है वहां पर 170 बेड कोविड-19 से ग्रस्त लोगों के उपचार के लिए की व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा होम आइसोलेशन के लोगों को के साथ पूर्ण रूप से तालमेल बनाकर उन्हें दवाईयां तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।