उठ लखन लाल प्रिय भाई, दशा तुम्हारी देख राम की अखियाँ भर भर आयी

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : कल रात विजय रामलीला कमेटी मार्किट नम्बर 1, फरीदाबाद के इतिहासिक मंच पर दिखाया गया अति मार्मिक दृश्य – लक्ष्मण मूर्छा। मेघनाथ (लखन वर्मा) ने बरछी मार कर किया लक्ष्मण (प्रिंस) को मूर्छित। हनुमान (अरुण भाटिया) उन्हें मूर्छित अवस्था मे ले गए राम के पास, हनुमान के किरदार में अरुण भाटिया द्वारा लक्ष्मण की इस हालत पर अपनी लापरवाही बता अफ़सोस व्यक्त करना व डायलॉग डिलीवरी ने सभी का मन मोह लिया! राम का किरदार निभाने वाले सौरभ के विलाप को देख दर्शकों की आंखे हुई नम। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी लाने दुनागिरी पर्वत पर गए जहाँ उनका युद्ध कालमयी नामक राक्षस (सुखविंदर सिंह) से हुआ उसका वध कर हनुमान जी बूटी लेकर पोहंचे लंका जहां सुखेन वैद ने लक्ष्मण के प्राण बचाये। संगीत निर्देशक स्वर्गीय श्री विश्व बंधु  शर्मा जी द्वारा रचित गीत दिन “कभी ऐसे भी आएंगे ये मालूम न था” ने सभी को रोने पर मजबूर कर दिया इसके बाद दिखाया राम और कुम्भकर्ण के बीच घमासान युद्ध और अंत में कुम्भकर्ण मारा गया। आज इसी मंच पर होगा मेघनाथ, अहिरावण और रावण वध।