महर्षि बाल्मीकि सर्व समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं: विजय प्रताप

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकाश दिवस पर एन एच पांच में स्थित वाल्मीकि मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कांग्रेस के नेता विजय प्रताप सिंह ने सर्वप्रथम मंदिर में भगवान वाल्मीकि जी की प्रतिमा को नमन किया और विशाल शोभायात्रा का शुभारंभ किया और झांकियों का अवलोकन किया। विजय प्रताप सिंह ने कहा कि  महर्षि बाल्मीकि जी महाकाव्य रामायण ग्रंथ के रचयिता थे और इसलिए उन्हें महा कवि का दर्जा दिया गया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का पहला श्लोक महर्षि बाल्मीकि जी के मुख से निकला था। भगवान वाल्मीकि को श्रीराम के जीवन में घटित प्रत्येक घटना का पूर्ण ज्ञान था। भगवान वाल्मीकि को सृष्टिकर्ता भी कहते है। उन्होंने कहा कि आज उनकी जयंती पर हम सभी को महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए और अधिक से अधिक साधन विहीन लोगों की भलाई के काम करने चाहिए,। महर्षि बाल्मीकि हमारे सर्व समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। इस अवसर पर आयोजकों ने विजय प्रताप सिंह का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर विजय प्रताप सिंह ने सहयोग के तौर 21 हजार रूपये की राशि भेंट की। वहीं एन एच दो में भी वाल्मीकि मंदिर के लिए 21 हजार रूपये की राशि का सहयोग दिया। इस अवसर पर भगवाना जी, प्रधान राजेन्द्र, राजेश, दलीप प्रधान, कुमरपाल, अमरपाल, बालवीर, धीरज कांगड़ा, करण, दीप, लीलू राम भगवाना सहित अनेक गणमांय लोग उपस्थित थे।