वैष्णो देवी मंदिर में छठे दिन मां कात्यनानी की हुई पूजा

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 1 अक्तूबर। तिकोना पार्क स्थित महारानी वैष्णो देवी मंदिर में आज नवरात्र के छठे दिन दिन मां दुर्गा के छठें स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा की गई। इस मौके पर भक्तों ने मां कत्यायनी की महिमा का गुणगान किया। इस दौरान सुबह मंदिर में हवन किया गया तथा उसके बाद आरती की गई। जिसमें विशेष रूप से वरिष्ठ उद्योगपति एचके बत्रा, आरके बत्रा, धीरज पुंजानी, नीरज मिगलानी प्रधान ओल्ड फरीदाबाद व्यापार मंडल, नीरज भाटिया प्रधान जवाहर कालोनी व्यापार मंडल, केवल खत्री, नीरज अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर प्रधान जगदीश भाटिया ने सभी गणमान्य जनों को माता के आशीर्वाद स्वरूप चुनरी भेंट की और सभी की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस मौके पर प्रधान सेवक जगदीश भाटिया ने कहा कि मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी का स्वरूप चमकीला और तेजमय है। इनकी चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में रहता है। वहीं नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। मां कात्यायनी के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार धारण करती हैं व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित रहता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी जातक देवी कात्यायनी की पूजा पूरी श्रद्धा से करता है, उसे परम पद की प्राप्ति होती है। माता कात्यायनी को भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्री के रूप में भी जाना जाता है। माता कात्यायनी का रूप सबसे सुंदर है और बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में इन्हें छठ मैया के रूप में भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार नवरात्र के छठे दिन माता कात्यायनी की विधि-विधान से भक्तों को विशेष लाभ प्राप्त होता है।