सतत विकास के लिए तकनीकी प्रगति’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 13 मई। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से ‘सतत विकास के लिए तकनीकी प्रगति’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस प्रतिवर्ष 11 मई को मनाया जाता है। इस संगोष्ठी में देशभर से 500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
यह संगोष्ठी कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा थी। बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर के निदेशक प्रो. ललित अवस्थी और आईबीएम में सरकारी उद्योग, भारत व दक्षिण एशिया के निदेशक डॉ. प्रभात मनोचा तकनीकी सत्र के विशेषज्ञ वक्ता रहे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने की।
आरंभ में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के अध्यक्ष प्रो. कोमल कुमार भाटिया ने दो दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी दी तथा आमंत्रित वक्ताओं का स्वागत किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस देश में नवाचार और तकनीकी उन्नति में योगदान देने वाले हमारे वैज्ञानिकों और टेक्नोक्रेट्स की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए कियाा जाता है। इस दिन हमें प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने देश को उन सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए जहां हम पिछड़ रहे हैं और युवा इंजीनियर्स को इसके लिए आगे आना होगा।
इस अवसर पर प्रो. दिनेश कुमार ने महामारी के दौरान विश्वविद्यालय के स्टूडेंट वालंटियर द्वारा किए जा रहे योगदान का भी उल्लेख किया तथा कोविड-हेल्पडेस्क और ऑक्सीजन री-फिलिंग प्रबंधन प्रणाली जैसी सामाजिक पहलों में विश्वविद्यालय की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज की भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया।
पहले तकनीकी सत्र में निदेशक बीआरएएनआईटी, जालंधर प्रो. ललित अवस्थी ने ‘ट्रेंड्स एंड टेक्नोलॉजी’ विषय पर प्रस्तुति दी और कंप्यूटर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। दूसरे सत्र में आईबीएम के निदेशक डॉ. प्रभात मनोचा ने तकनीकी प्रगति में सामाजिक दृष्टिकोण के बारे में जानकारी की। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीलम दुहन ने सत्र के अंत में मुख्य वक्ताओं का धन्यवाद किया।
डॉ. दूहन ने जानकारी दी कि दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए 14 मई को ऑनलाइन तकनीकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा और सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सत्र में डॉ. ज्योति, डॉ. दीपिका, डॉ, रीवा, डॉ. ललित और श्री पीयूष के साथ-साथ स्टूडेंट वालंटियर्स द्वारा समन्वित किया गया।