डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में जलवायु परिवर्तन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन

0
286

Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : राष्ट्रीय चेतना शक्ति फाउंडेशन के साथ मिलकर डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय जलवायु परिवर्तन रहा।

वर्तमान समय में बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण के कारण मौसम और जलवायु में निरंतर आ रहे परिवर्तनों से छात्रों को अवगत कराने के उद्देश्य से इस सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में रिटायर्ड आईएएस और मानव रचना एजुकेशन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर एन सी वधवा जी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वधवा जी ने फरीदाबाद जिले में जलवायु से संबंधित समस्याओं की ओर सबका ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने 1 नवंबर से 12 नवंबर तक चलने वाले COP 26 सम्मेलन जो कि ग्लास्गो (यू.के) में हुआ, उससे जुड़ी मुख्य बातों पर प्रकाश डाला और उसमें लिए गए निर्णयों पर चर्चा की। उन्होंने यमुना प्रदूषण,अरावली पर्वत श्रृंखला के पर्यावरणीय समस्याओं, पर्यावरण संबंधी नीतियों का उल्लेख किया और अन्य देशों की तुलना में भारत में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु संरक्षण से जुड़ी नीतियों के व्यवहारिक क्रियान्वयन में अंतर जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस सेमिनार में रिटायर्ड आईएएस डॉक्टर सुखबीर सिंह जी जो कि राष्ट्रीय चेतना शक्ति संस्था के संस्थापक सदस्य भी हैं, उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न सामयिक मुद्दों पर अपने विचार रखे और कार्यक्रम के विषय को स्पष्ट करते हुए उसके विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय चेतना शक्ति के ट्रेज़रर श्री रामवीर सिंह दहिया जी और सदस्य इंजीनियर श्री तरुण चौधरी जी और डीएवी शताब्दी महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री अरुण भगत जी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्य वक्ता कॉलेज के विज्ञान विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर प्रिया गर्ग जी ने जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए अपने पक्ष को रखा। इस अवसर पर इस सेमिनार के ओवरऑल इंचार्ज पर्यावरण विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर नीरज सिंह जी ने जलवायु परिवर्तन विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया तथा ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस इफ़ेक्ट इत्यादि पर गहन जानकारी दी और जलवायु परिवर्तन से जुड़े तमाम अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशंस एंड ट्रीटीस बताया जैसे कि RIO, IPCC, UNFCCC, COP26 इत्यादि। सेमिनार की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर सविता भगत ने सभी वक्ताओं की बातों का सारांश समझाते हुए छात्रों को हरित पर्यावरण की दिशा में योगदान देने के लिए अभिप्रेरित किया। साथ ही उन्होंने ग्रीन ऑडिट के विषय में भी छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने इस सेमिनार में उपस्थित सभी वक्ताओं का तथा मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए राष्ट्रीय चेतना शक्ति संस्था का भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लगभग 70 से भी अधिक छात्र-छात्राओं अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सेमिनार के माध्यम से निश्चित रूप से वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन को लेकर चल रहे गहन चिंतन की ओर आज की युवा पीढ़ी को मंथन करने के लिए प्रेरित किया गया।