फिल्म और फोटोग्राफी के लिए प्रकाश कला विषय पर कार्यशाला का आयोजन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 4 अगस्त। विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के प्रयासों को जारी रखते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा फिल्म और फोटोग्राफी के लिए प्रकाश कला विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। एक दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला को पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर और शिक्षक गगन गेरा ने संचालित किया। महर्षि नारद सेंटर फॉर मीडिया रिसर्च एंड प्रोडक्शन में आयोजित कार्यशाला में सीएमटी विभाग के अध्यक्ष डॉ पवन सिंह मलिक ने श्री गेरा का स्वागत किया और उन्हें एक पुस्तक भेंट की।
कार्यशाला की शुरुआत में उन्होंने छात्रों को फिल्म और फोटोग्राफी के लिए इस्तेमाल किये जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्रकाश व्यवस्था के बारे में बताया। कार्यशाला के दौरान श्री गेरा ने पत्रकारिता के छात्रों को फोटोग्राफी की तकनीकी और कलात्मक बारीकियों के बारे में प्रशिक्षण देने के अलावा उन्हें क्षेत्र में समकालीन रुझानों से अवगत करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह से उपलब्ध प्रकाश का उपयोग करके हम अपनी फोटोग्राफी बेहतर बना सकते हैं। कार्यशाला में छात्रों को फोटोग्राफी के मूलभूत तकनीकी पहलुओं के बारे में प्रशिक्षित किया जिसमें रचना, फ्रेमिंग और प्रकाश व्यवस्था शामिल थी। इसके अलावा, फोटोग्राफी में बुनियादी तत्व, दृश्य भाषा की बारीकियां और प्रकाश के उपयोग से जुड़े सभी मूल सिद्धांत कार्यशाला के प्रमुख विषयों में से एक थे। कार्यशाला कक्षा शिक्षण और प्रशिक्षण का एक संयोजन थी। उन्होंने छात्रों को फील्ड में ले जा कर प्रशिक्षण दिया कि किस प्रकार से थर्मोकोल के रिफ्लेक्टर से ही प्राकृतिक प्रकाश के उपयोग से अपनी तस्वीरों को प्रभावी बना सकते हैं।
इससे पहले सत्र मॉडरेटर सहायक प्रोफेसर डॉ तरुणा नरूला ने रिसोर्स पर्सन का परिचय देते हुए कार्यशाला के महत्व को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला उभरते हुए फोटो पत्रकारों के लिए दृश्य कहानी कहने के लिए कला और फोटोग्राफी के तत्वों के बारे में जानने का महत्वपूर्ण अवसर रही।
कार्यशाला में बीएजेएमसी के विद्यार्थियों ने एवं लैब निर्देशक दुष्यंत त्यागी ने भाग लिया। डीन संकाय प्रो अतुल मिश्रा ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए विभाग को शुभकामनाएँ दी और कहा की इस तरह के व्याहारिक प्रशिक्षण छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।