सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस आयुक्त की नई पहल

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने एक नई पहल की है। आज पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी, एसीपी व अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक में पुलिस आयुक्त ने कहा कि फरीदाबाद हरियाणा का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला है। यहां कम क्षेत्रफल में अधिक लोग निवास करते हैं। कारखानों की संख्या अधिक होने के परिणामस्वरूप फरीदाबाद में वाहनों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में सड़क दुर्घटनाऐं भी अधिक होती हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सबसे पहले दुर्घटना घटित होने के पीछे के कारणों का पता लगाना अति आवश्यक है। यदि दुर्घटना के कारण का सही से निरीक्षण किया जाए तो उस कारण को खत्म करके उस स्थान पर होने वाली दुर्घटना से नागरिकों को बचाया जा सकता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त ने एक योजना तैयार की है जिसके बेहतर तरीके से निस्तारण के लिए ट्रैफिक डीसीपी एसीपी को जिम्मेवारी सौंपी गई है। इस योजना के तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्र जिस स्थान पर भी गंभीर दुर्घटना घटित होती है वहां पर डीसीपी व एसीपी ट्रैफिक स्वयं मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे तथा दुर्घटना के कारणों की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे जिसमें उस स्थान पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों का विवरण होगा। इस रिपोर्ट के अनुसार ही संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित करके निर्धारित स्थान पर यातायात सुरक्षा स्दृढ़ की जाएगी। यातायात दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं जिसमें से चौराहों पर रेड लाइट, सड़क पर सचेतात्मक निर्देश, स्पीड ब्रेकर तथा रिफ्लेक्टर की कमी होना तथा तेज गति व गलत दिशा में वाहन चलाना, सड़क पर बहुत अधिक गड्ढे होना, आवारा जानवरों का एकदम से सड़क पर आ जाना इत्यादि मुख्य कारण है। इन कारणों से निपटने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का चिन्हित किया जाना अति आवश्यक है। जिन स्थानों पर रेड लाइट,सचेतात्मक निर्देश या रिफ्लेक्टर की कमी के कारण दुर्घटना घटित होती है वहां पर संबंधित प्रशासनिक विभाग से संपर्क करके जल्द से जल्द वहां पर इन सबको उपलब्ध करवाया जाए। तेज गति के कारण घटित होने वाली दुर्घटनाओं वाले स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाएं रेड लाइट की व्यवथा सुनिश्चित करवाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर यात्रा के दौरान नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।