जीवन को सफल व सार्थक बनाती है श्रीमद्भागवत कथा : पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 21 नवंबर। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण ही मानव जीवन के उद्धार की सीढ़ी है, शर्त सिर्फ इतनी है कि श्रोता की श्रद्घा कितनी गहरी है, इसी प्रकार कि सीख बाढ मोहल्ला ओल्ड फरीदाबाद मे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस कलश यात्रा में दी गई। कलश यात्रा में अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली ने बतौर मुख्य अतिथि पंहुचकर व्यास श्रद्धेय उमेश पुरोहित जी महाराज व भागवत जी पूजन किया तथा कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इस मौके पर पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली ने कहा कि सांसारिक धन खर्च करने पर काम होता है, लेकिन ईश्वर रूपी धन जितना खर्च होता है, उतना ही बढ़ता जाता हैं। सांसारिक धन भी सद्कार्यों में इस्तेमाल किया जाए तो वह बढ़ता है। धन के साथ भक्ति होनी जरूरी है, क्योंकि भक्ति रहित धन विनाश की ओर ले जाता है। सही अर्थों में धनवान वही है, जो धन से समाज और राष्ट्र की सेवा करता है, साथ में उन्होने कहा कि दान का जीवन में बहुत ही महत्व है। कुछ लोग दान करते हैं ताकि उनका नाम हो जबकि कुछ लोग दान करते तो हैं परंतु किसी को बताते नहीं। क्योंकि वे आस्था से भक्ति से नि:स्वार्थ दान करते हैं। अत: दान करें तो खुशी से हर्षोल्लास से क्योंकि यही पाप भी है, यही पुण्य भी है अतं मे उन्होने कहा जीवन को सफल व सार्थक बनाती है श्रीमद्भागवत कथा। इस अवसर पर पं अमीचंद, पं संजय, भीमसेन, हरबंस ब्रह्मण, बिटटू, सुरेश, लच्छीराम, डा सोनू, जयसिंह, राजेंद्र, भुलेराम, करण, कपिल, ताराचंद, निखिल, दीनदयाल, देवीदास, विकको, राहुल सहित महिला शक्ति भक्तजन उपस्थित रहे।