राष्ट्र निर्माण में एनएसएस वालंटियर्स का योगदान सराहनीय : कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 25 सितम्बर। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में एनएसएस दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनएसएस की शुरूआत 24 सितंबर, 1969 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर हुई थी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 200 से अधिक एनएसएस वालंटियर्सएवं प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो दिनेश कुमार और एनएसएस की संस्थापक से वालंटियर के रूप में जुड़े श्री कृष्ण कुमार गुप्ता कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन युवा एवं संस्कृति मामलों के निदेशक डॉ. प्रदीप डिमरी, डाॅ. बिन्दू मंगला एवं डाॅ उमेश ने किया।
एनएसएस दिवस पर स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्यरत एनएसएस वालंटियर्स एवं कार्यक्रम अधिकारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं बल्कि आप’ है जो निःस्वार्थ सेवा की जरूरत पर बल देता है। एनएसएस की विचारधारा वाक्य में पूरी तरह से निहित है जो इस बात पर जोर देती है कि सभी का कल्याण समाज के कल्याण पर अत्यधिक निर्भर है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगभग 200 विद्यार्थी एनएसएस स्वयंसेवकों के रूप में जुड़े हुए है, जिसे बढ़ाकर 600 करने की आवश्यकता है क्योंकि विद्यार्थियों की कुल संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस अवसर पर कुलपति ने एनएसएस स्वयंसेवकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया।