आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत स्टूडेंट पुलिस कैडेट सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सविता ने विद्यार्थियों को दहेज उत्पीड़न, साइबर, यातायात नियमों, नैतिक मूल्यों तथा गुड व बेड टच के बारे में किया जागरूक

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : डीसीपी मुख्यालय नीतिश कुमार अग्रवाल के दिशा निर्देशो पर विद्यार्थियों को महिला विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए आज सीनियर सिटीजन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर सविता ने राजकीय कन्या उच्च विद्यालय तिगांव पहुंचकर विद्यार्थियों को महिला विरुद्ध होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक करके महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत फरीदाबाद पुलिस सभी छात्राओं को भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न, साइबर, यातायात नियमों, नैतिक मूल्यों तथा गुड व बेड टच के प्रति जागरुक करने का काम कर रही है। इसी क्रम में आज पुलिस टीम में शामिल आज फरीदाबाद पुलिस की तरफ से इंस्पेक्टर सविता उप निरीक्षक रामकुमार साइबर थाना बल्लभगढ़ से उप निरीक्षक बाबूराम तथा दुर्गा शक्ति की टीम छात्राओं को सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक करने के लिए तिगांव पहुंची। विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती उर्मिला ने पुलिस टीम को गुलदस्ता भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।
इंस्पेक्टर सुनीता ने छात्राओं को जागरूक करते हुए बताया कि विद्यार्थी इस सामाजिक जीवन में अपने आसपास दहेज प्रथा को देखते हैं बड़े होकर इसी को आगे बढ़ाते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं होता कि दहेज लेना कानूनन अपराध है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने आने वाले भविष्य में दहेज प्रथा के विरुद्ध खड़े हों तथा समाज में दहेज की कुप्रथा को खत्म करने में अपना अहम योगदान दें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुड व बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति ने गलत तरीके से स्पर्श करने की कोशिश करता है तो उसके बारे में अपने परिजनों को बताएं क्योंकि यदि वह इसका विरोध नहीं करेंगे वह फिर से उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश करेगा। इसलिए इसके विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़ें ताकि समाज में महिला सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
आरटीआई इंचार्ज उपनिरीक्षक रामकुमार ने छात्राओं को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी सफलता प्राप्त करने से ज्यादा जरूरी यह है कि एक अच्छा इंसान बना जाए जो देश और समाज की भलाई के लिए कार्य करें। अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति जुर्म करने के पश्चात हर वक्त तनाव में रहता है क्योंकि उसे पुलिस और कानून का भय होता है इसलिए वह पुलिस से बचने के लिए सारी उम्र भागता रहता है और अंत में उसे कुछ हासिल नहीं होता और उसे उसके किए अपराध की सजा अवश्य मिलती है। इसीलिए आवश्यक है कि अपने आने वाले भविष्य में कुछ इस प्रकार का काम करें कि जिससे बच्चों के साथ-साथ उनके परिवार समाज तथा पूरे देश का नाम रोशन हो।
इंस्पेक्टर सविता ने बताया कि महिला तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा 1091 तथा 1098 नंबर जारी किया गया है तथा इसके साथ ही डायल 112 प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा चुका है जिस पर संपर्क करके आप महिला विरुद्ध होने वाले अपराधों के बारे में पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के मोबाइल में दुर्गा शक्ति एप को डाउनलोड करवाकर इसके बारे में विद्यार्थियों को इसके बारे में जागरूक किया और बताया कि वह किस प्रकार इसका उपयोग करके पुलिस को सूचित कर सकते हैं।पुलिस द्वारा सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी और अपराधी को जल्द से जल्द सजा दिलवाकर पीड़ित को न्याय दिलवाया जाएगा।