ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों का गठित करने का कार्य किया जा रहा है

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 13 मई। कोविड-19 के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिये स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ-साथ अन्य लोगों की टीमें गठित करने का कार्य किया जा रहा है। बाकयदा उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई है। निर्धारित शैड्यूल के मुताबिक यह टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और जिनमें कोरोना के लक्षण ज्यादा होंगे, उन्हें सामुदायिक केन्द्रों में उपचार के लिये भर्ती किया जायेगा। इसके लिए आइसोलेशन केयर सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं और डेडिकेटिड हैल्थकेयर सेंटर भी स्थापित किये गये हैं। जिला में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आठ इंसीडेंट कमांडर वे 12 सौ से अधिक बूथ स्तर की टीमें भी लगाई गई है। प्रतिदिन सभी कार्यों की समीक्षा की जाती है। जहां पर कोरोना के केस ज्यादा पाये गये हैं, वहां पर सर्विलांस टीम द्वारा काम किया जा रहा है, टैस्टिंग की जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त यशपाल  ने गुरुवार को चंडीगढ़ से आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दी। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने की दिशा में क्या कार्य एवं तैयारियां की गई है, इसकी समीक्षा भी की और उन्हें इस विषय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।
उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिला फरीदाबाद में इस कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिये गांव के जिम्मेदार/मौजिज लोगों की भी टीम बनाई जा सकती है, जिसमें पूर्व प्रतिनिधि, नम्बरदार, रिटायर्ड टीचर शामिल हो सकते हैं। यह टीम उपरोक्त दोनो टीमों को बेहतर कार्य करने में सहयोग देने का काम करेगी।
उपायुक्त ने कहा कि जहां पर केस ज्यादा पाये जा रहे हैं, उन हॉटस्पॅाट स्थानों का चयन करते हुए सम्बन्धित अधिकारी यदि वहां पर मैक्रो कंटेनमैंट जोन बनाने की आवश्यकता है, उस कार्य को भी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिये जो टीमें तैयार की जा रही हैं, वे गांवो में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए जैसी भी स्थिति होगी, उन्हें उपचार देने का काम करवायेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशानुसार उन्हें होम आइसोलेट किट भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वी.सी. के माध्यम से ग्रामीण आंचल में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिये तैयार की गई टीमों को कहा कि वे पूरी तैयारी के साथ व बेहतर समन्वय के साथ इस कार्य को करना सुनिश्चित करें। जांच के दौरान जिन मरीजों में हल्के लक्षण हैं, उन्हें घर में आइसोलेट करें, मध्यम लक्षण वाले मरीजों को जांच के उपरांत यदि उन्हें उपचार के लिये अस्पताल में दाखिल करने की जरूरत है तो उन्हें सीएचसी या पीएचसी में दाखिल करवाएं और गंभीर लक्षण वाले मरीजों को कोविड अस्पतालों में दाखिल करवाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी तैयारी करके हम कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में इस कार्य के लिये नोडल अधिकारी के रूप में जिला परिषद के सीईओ को नियुक्त किया गया है और इस पूरी व्यवस्था पर जिला उपायुक्त मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करेंगे।
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी वी.सी. के माध्यम से उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि  निजी अस्पतालों में निर्धारित रेटों से अधिक बैडों के लिये चार्ज वसूल किये जाने की शिकायतो को गंभीरता से ले। इसके साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में भी कार्यों पर नजर रखने की विशेष जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड मरीजों का इलाज मुफ्त करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेनिटाइजेशन के कार्य में तेजी लाने के लिये कहा और साथ ही कहा कि माहामारी अलर्ट सुरक्षित हरियाणा के तहत पिछले तीन-चार दिनों में नये एक्टिव केसों में गिरावट आई है। उन्होंने इस मौके पर सम्बन्धित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि इस माहामारी के समय जिन दुकानों को खोलने की अनुमति है, वे अपनी दुकानों के बाहर गोल दायरे लगाना सुनिश्चित करें, अन्य नियमों की पालना सुनिश्चित करें। यदि नियमों की अवहेलना होती है तो तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने सब्जी मंडियों के लिये कहा कि वहां पर आमजन को सब्जी न खरीदने दें क्योंकि वहां पर अनावश्यक भीड़ हो जाती है, जिससे संक्रमण के फैलने का डर रहता है। पंजीकृत सब्जी वालों को ही सब्जी खरीदने की अनुमति दें ताकि वे गलियों में जाकर सब्जियां बेच सकें। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के कितने मरीज दाखिल हैं, कितने यहां से हैं और कितने बाहर के हैं, उसकी वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट भी मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। होम आइसोलेशन किट में जो सामान दिया जाना है, वह सम्पूर्ण दिया जाये, इस बात का भी ध्यान रखें। सिविल सर्जन को उन्होंने टैस्टिंग बढ़ाने व आरटीपीसीआर के तहत होने वाले टैस्ट की रिपोर्ट भी जल्द लोगों को मिले, इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि जल्द रिपोर्ट मिल जाती है तो अस्पताल से वह मरीज जल्द डिस्चार्ज हो जायेगा औ बैड भी खाली हो जायेगा। ठीकरी पहरा के सम्बन्ध में भी उन्होंने कहा कि गांवो में पहले लोगों ने जिस तरह से ठीकरी पहरा लगाया था, उसी प्रकार वे इस बारे भी इस कार्य को करें ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि शहरों में 62 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र में 38 प्रतिशत कोरोना संक्रमण है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में इस माहामारी के समय में स्वास्थ्य विभाग, पैरा मैडिकल स्टाफ, निकाय कर्मी, पुलिसकर्मी व अन्य सम्बन्धित विभाग जो कार्य कर रहे हैं, वे उससे पूरी तरह से संतुष्ट हैं। उन्होंने उमीद जताई कि इसी प्रकार किए जा रहे सभी के योजनाबद्ध सांझा प्रयासों से प्रदेश को जल्द से जल्द कॅरोना मुक्त किया जा सकेगा।
मीटिंग में उपायुक्त यशपाल के अलावा अतिरिक्त उपायुक्त सतवीर सिंह मान, एसडीएम परमजीत चहल, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, सीएमओ रणदीप सिंह पुनिया सहित सभी इंसीडेंट कमांडर व अन्य अधिकारी मौजूद थे।