वर्ष 2021-22 में योजना के तहत 2 लाख परिवार चिह्नित किए जाएंगे : सतबीर मान

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 15 अप्रैल। मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना का लाभ जन- जन तक पहुचना सम्बंधित विभाग के अधिकारी का प्रशासनिक दायित्व है। जिसकी शुरुआत हाल की गई। इस योजना के तहत सरकार 4 साल के कार्यकाल में चिह्नित किए गए 5 लाख परिवारों की न्यूनतम आय 1.80 लाख वार्षिक करेगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने इस सम्बंध में जिला के विभागीय अधिकारियों की अपने कार्यालय में बैठक को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 में योजना के तहत 2 लाख परिवार चिह्नित किए जाएंगे, अन्य वर्षों में परिवारों की यह संख्या 1 लाख रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का ड्रीम प्रोजेक्ट है।’परिवार पहचान पत्र’ के साथ अब ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान’ योजना की शुरुआत कर दी गई है। यह जिले के उन गरीब परिवारों के लिए होगी जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से भी कम है। चरणबद्ध तरीके से इन परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इनकी सालाना आय कम से कम एक लाख 80 हजार रुपये करने का लक्ष्य है। उन्होने कहा कि परिवार पहचान-पत्र पर पंजीकरण करवाने वाले परिवारों में से ही सबसे गरीब 1 लाख परिवारों को चुना जाएगा। अहम बात यह है कि इसके लिए किसी परिवार को सरकार से संपर्क करने की जरूरत नहीं होगी बल्कि सरकार खुद उनके द्वार तक जाएगी और सुविधाएं देगी। ऐसे परिवारों की शिक्षा, कौशल विकास, वेतन रोजगार व स्वरोजगार के लिए एक पैकेज बनेगा। विशेष प्रकार के काम में दक्ष परिवारों को उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे खुद का रोजगार भी शुरू कर सकें। मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान अभियान को एक मिशन की तरह चलाया जाएगा। इसमें सभी विभागों का सहयोग लिया जाएगा। सबसे गरीब परिवारों को विभागों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होगा। योजना में जाति विशेष नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के परिवार शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने स्तर पर टीम बनाकर सर्वे करे और आमजन को इस योजना के बारे जागरूक करे ताकि योजना का लाभ सम्बंधित वर्ग को समुचित रूप से दिलाया जा सके। इस अवसर पर पशुपालन, शिक्षा, रोजगार, खादी बोर्ड, बैंक, अनुसूचित एवं पिछड़ा कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।