जे.सी. बोस विश्वविद्यालय गुणवत्ता मानक प्राप्त करने के लिए तकनीकी संस्थानों को देगा ‘मार्गदर्शन’

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 17 मार्च। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) ने निकटवर्ती तकनीकी संस्थानों के गुणवत्ता मानकों में सुधार लाने में सहयोग देने के लिए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद को ‘मार्गदर्शक संस्थान’ का दर्जा दिया है। विश्वविद्यालय एआईसीटीई की मार्गदर्शन योजना के तहत नौ तकनीकी संस्थानों को गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
एआईसीटीई की मार्गदर्शन योजना तकनीकी संस्थानों के गुणवत्ता मानकों में सुधार द्वारा देश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लागू की गई है। योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय को आवंटित किए गए ‘मेंटी बेनेफिशियरी इंस्टीट्यूट्स’ अर्थात मार्गदर्शन के लाभार्थी संस्थानों में अरावली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, फरीदाबाद, द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गुरुग्राम, डीपीजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गुरुग्राम, एनजीएफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पलवल, एंड्रयूज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, फारुक नगर (गुरुग्राम), पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पानीपत, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, सोनीपत, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, मानेसर और गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, झज्जर शामिल हैं।
मार्गदर्शन योजना और इसके कार्यान्वयन के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य समन्वयक प्रो. विक्रम सिंह ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सदस्य संस्थानों के शिक्षण संबंधी तकनीकी उत्थान के लिए संकाय विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएँ, अतिथि व्याख्यान और अन्य गतिविधियों का संचालन करना है। इस संबंध में परिषद द्वारा इस परियोजना के तहत 3 वर्ष की अवधि के लिए 9 तकनीकी संस्थानों को मार्गदर्शन देने के लिए 45 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है।
मार्गदर्शक संस्थान के रूप में चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने विभिन्न गुणवत्ता मूल्यांकन मापदंडों पर खुद को स्थापित किया है। विश्वविद्यालय के अधिकांश तकनीकी पाठ्यक्रमों को एनबीए से मान्यता प्राप्त हैं। विश्वविद्यालय ने 2016 में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) के पहले ही चक्र में ‘ए’ ग्रेड मान्यता भी प्राप्त की थी। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर एनआईआरएफ रैंकिंग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही गुणवत्ता पहलों को दर्शाता है।
कुलपति ने कहा कि गुणवत्ता प्रबंधन के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए अब विश्वविद्यालय ने एनबीए और नैक मान्यता हासिल करने के इच्छुक तकनीकी संस्थानों को मार्गदर्शन और सहायता सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी ली है ताकि ऐसे संस्थान एनबीए और नैक मान्यता के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करने में सक्षम बन सके।