नगर निगम प्रशासन और फेडरेशन के पदाधिकारियों की एक बैठक का आयोजन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 4 मार्च। फरीदाबाद नगर निगम प्रशासन के द्वारा कर्मचारी मांगों पर सहमति प्रकट करने के बाद म्युनिस्पिल कारपोरेशन ईम्पलाईज फेडरेशन फरीदाबाद ने कल 5 मार्च से अपने प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया है। इससे पूर्व नगर निगम प्रशासन और फेडरेशन के पदाधिकारियों की आज यहां अतिरिक्त निगमायुक्त की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में निगम प्रशासन की ओर से अतिरिक्त निगमायुक्त इन्द्रजीत कुल्हड़िया, कार्यकारी अभियंता-क्रय विवेक गिल, लेखा अधिकारी विजय सिंह, आफिसर इंचार्ज स्थापना सीमा भाटिया व सृष्टि बब्बर, और फेडरेशन की ओर से फेडरेशन प्रधान रमेष जागलान, वरिष्ठ उपप्रधान ष्षाहाबीर खान, कार्यालय कर्मचारी यूनियन के प्रधान नरेश बैंसला, मकैनिकल वर्कर यूनियन के प्रधान रमेश पहलवान, सचिव महेन्द्रपाल, माली यूनियन के सचिव सुरजीत नागर और अमित शर्मा आदि उपस्थित थे। फेडरेशन ने अत्यधिक सौहार्द्धपूर्ण माहौल में बैठक कर कर्मचारी मांगों का हल निकालने पर निगमायुक्त यशपाल यादव और अतिरिक्त निगमायुक्त इन्द्रजीत कुल्हड़िया का आभार प्रकट किया है और उम्मीद जाहिर की है कि मानी हुई मांगों को निगम प्रशासन अविलम्ब लागू करेगा।

फैडरेषन के प्रधान रमेश जागलान व महासचिव महेन्द्र चैटाला ने आज यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए बताया कि सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को पूर्व प्रथा के अनुसार पैशन पेमेंट आर्डर सहित सभी प्रकार के लाभों का भुगतान सेवानिवृति तिथि को करने और पिछले बकाया मामलों का निपटान भी जल्दी से जल्दी करने, ए.सी.पी. मामलों को दो सप्ताह में क्लीयर करने, रेजिडेन्टस वैलफेयर एसोसिएशन को देख-रेख के लिए दिये गये पार्कों का रखरखाव निगम के कर्मचारियों के द्वारा ही करवाने, निगम कार्यालयों में पीने के पानी और शौचालयो की समुचित व्यवस्था करने, जिन कर्मचारियों को अभी तक साबुन नहीं दिया गया है उन्हें साबुन दस दिन में देने, पदोन्नति के लिए आरक्षित पदों पर बिना किसी देरी के पात्र कर्मियों को पदोन्नत करने, कार्यालय में समुचित फर्नीचर की व्यवस्था करने आदि मांगों पर सहमति प्रकट की गई, जबकि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निगम रोल पर लेने, समान काम समान वेतन देने, लम्बे समय से कार्यरत कच्चे कर्मियों को पक्का करने, सीवरमेनों की तर्ज पर इलेक्ट्रीशियन को जोखिम भत्ता देने आदि मामलों के लिए सरकार को सिफारिश करने पर सहमति हुई है।