बिना परीक्षा के बच्चों को पास करना परीक्षा का मजाक बनाने जैसा : डॉ फौगाट

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : बल्लभगढ़ प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने एक ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की है कि वह निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय वापिस ले या उन्हें आर्थिक पैकेज दे। एसोसिएशन के प्रधान चन्द्रसेन शर्मा के नेतृत्व में स्कूल संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री कंवर पाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

चन्द्रसेन शर्मा ने बताया कि पिछला एक साल तो स्कूलों ने जैसे तैसे काट लिया लेकिन अब वह और बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं। स्कूल संचालक बर्बाद होने की कगार पर है और स्कूलों से रोजगार पाने वालों का भविष्य अधर में है।सरकार हमें विशेष आर्थिक पैकेज दे, जिससे कि हम भी इस कोराना काल में अपना जीवन चला सकें। महासचिव सतीश शर्मा ने बताया कि स्कूलों में खड़ी बसों का रोड टैक्स, इंश्योरेंस, चालक, संवाहक आदि सभी खर्चे उन पर बने हुए हैं। लेकिन सरकार की ओर से स्कूलों को चलने नहीं दिया जा रहा है। जिससे उनकी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हमें स्कूलों के स्टाफ के वेतन, ईएसआई, पीएफ आदि सभी खर्चे देने हैं लेकिन हमारे हालात बड़े खराब हैं। बार बार स्कूलों को बंद करने से बच्चों की पढ़ाई पर भी गहरा असर पड़ रहा है। जिसके दूरगामी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। सरकार इस ओर खुलेमन से ध्यान दे।

एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ सतीश फौगाट ने बताया कि सरकार द्वारा पहली से आठवीं तक की कक्षाओं को बंद करने, 10वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा नकारात्मक असर स्कूल, स्टाफ, बच्चे और अभिभावकों पर पड़ेगा।सरकार इन आदेशों को अविलम्ब वापिस लेकर आल्टरडेज पर क्लास लगाने, कम संख्या में बच्चों को बुलाने आदि आदेश दे तो कुछ राहत सभी को मिल सकती है।

डॉ फौगाट ने बताया कि 10वीं की कक्षाओं को रद्दे करने से जिन बच्चों ने अच्छी तैयारी की थी, उनके परिणामों और मन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, वहीं जिन बच्चों की तैयारी नहीं थी, उनको बिना कुछ किए पास होने का अवसर मिलेगा। दोनों ही स्थितियां गलत हैं। ऐसे में परीक्षा केवल एक मजाक बनकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से स्कूलों को खोलने या आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करे।

इस अवसर पर उनके साथ अवतार सिंह, ओमप्रकाश धनखड़, राजकुमार सिसोदिया, प्रताप सिंह वशिष्ठ, सूर्य प्रताप सिंह, डालचंद शर्मा, भरत शर्मा, कमल शर्मा, जेपी सिंह, चौ विरेंद्र सिंह आदि स्कूल संचालक मौजूद रहे।