23 मार्च के दिन देश में आजादी के आंदोलन का सबसे बड़ा बलिदान हुआ था : यादवेन्द्र सिंह सन्धू

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : शहीद ए आजम भगत सिंह के शहीदी दिवस पर ऑल इडिया शहीद भगत सिंह बिग्रेड द्वारा एनआईटी स्थित भगत सिंह कालेज केम्पस में श्रृद्वांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद ए आजम भगत सिंह के पौत्र यादवेन्द्र्र सिंह सन्धू व शहीद भगत सिंह बिग्रेड से जुडे देशभक्तों ने भगत सिंह की प्रतिमा पर श्रृद्वासुमन अर्पित कर उन्हें श्रृद्वांजलि दी। इस मौके पर यादवेन्द्र सिंह सन्धु ने कहा कि आज 23 मार्च का दिन हिन्दुस्तान के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है। उन्होनें कहा कि आज ही के दिन इस देश में आजादी के आंदोलन का सबसे बड़ा बलिदान हुआ था। उन्होनें कहा कि हमें शहीदों से प्रेरणा लेकर उनके सपनों को पूरा करने के लिए अपना योगदान देना चाहिए। उन्होनें कहा कि आज का भारत युवा भारत है जब भी देश दुनिया ने करवटें बदली है युवाओं ने ही क्रांतिकारी उदघोष किया है। उन्होनें कहा कि शहीद ए आजम भगत सिंह ने कहा था कि अंग्रेज मुझे मार सकते है लेकिन मेरे विचारों को नहीं, उनकी यही सोच और विचार आज भी हमारे बीच में है बस हमकों उनकों अपनाना है। उन्होनें कहा कि हमें शहीदों को सबसे ऊपर रखना है और उनकों उचित सम्मान देना चाहिए। उन्होनें कहा कि हमें शहीदों की याद में कम से कम एक ऐसा सग्रंहालय बनाए जहां पर आकर देश का प्रत्येक नागरिक उनसे रूबरू हो सकें। उन्होनें कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भी शहीद ए आजम भगत सिंह की तरह निडर होकर किसी भी समय अपने देश के लिए बलिदान देने  के लिए सदैव तत्पर रहना है। यादुवेन्द सिंह ने कहा कि जौ कौम अपने शहीदों को भुला देती है उसका भविष्य कभी भी उज्जवल नहीं होता। इस अवसर पर बिग्रेड के सदस्यों ने शपथ ली कि वह सब भी अपने देश के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेगें और नाइंसाफी व भ्रष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे के लिए हमेशा आगे रहेगें। इस मौके पर वासुदेव अरोड़ा, राकेश शर्मा, बिल्ला पहलवान, मोहम्मद शरीफ, रणजीत सिंह, उमेश चौधरी, राहुल बघोलिया, दीपक भारद्वाज, प्रशांत पाराशर व योगी गुर्जर आदि देशभक्त मौजूद थे।