कोविड-19 को खत्म करने के लिए सबसे पहले संक्रमण की चैन को तोड़ना होगा : संजीव कौशल

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 4 मई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि कोरोना आज एक आपदा बनकर हम सभी के सामने खड़ी है। हमें अपने बेहतर प्रबंधन के जरिए लोगों को हर संभव सहायता देते हुए मनोबल बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी दिन रात अपने सेवा भाव के साथ कोरोना की इस लड़ाई में जुट जाएं। अतिरिक्त मुख्य सचिव मंगलवार को होटल राजहंस में जिला फरीदाबाद में कोविड-19 की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमें कोविड-19 को खत्म करने के लिए सबसे पहले संक्रमण की चैन को तोड़ना होगा। लॉकडाउन को गंभीरता के साथ लागू करवाना है और लोगों को समझाना है कि अगर आप सभी लोग अपने घरों में नहीं रहे तो इस महामारी के फैलाव को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने अधिक से अधिक टेस्टिंग पर बल देते हुए कहा कि जिन भी लोगों में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तुरंत उनकी टेस्टिंग करवाई जाए और समय पर टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध हो ताकि संक्रमण को ज्यादा फैलने से रोका जा सके। उन्होंने टेस्टिंग के लिए माइक्रो स्तर पर जाकर काम करने के निर्देश दिए और कहा कि इसके लिए हमें प्रशासनिक अमले को अधिक से अधिक सक्रिय करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी सूचना के लिए कॉल सेंटर को बहुत ज्यादा मजबूत करना है। इसके साथ ही सभी अस्पताल भी मरीजों की सुविधा के लिए आपने कॉल सेंटर शुरू करें ताकि घरों में आइसोलेटेड मरीजों को टेलीफोन के जरिए हर संभव मेडिकल सलाह उपलब्ध हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह घरों में आइसोलेट होकर इलाज कर रहे लोगों को ऑक्सीमीटर सहित सभी जरूरी दवाओं की किट उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समय से प्रत्येक मरीज का फॉलोअप करें और उन्हें बताएं कि आप अपने परिवार के लिए कितने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की देखरेख करना हम सभी का फर्ज है और हमें इसके लिए आपदा के इस दौर में बेहतर प्रबंधन खड़ा करना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मीटिंग में आयुष विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह प्रत्येक व्यक्ति तक इम्यूनिटी बूस्टर अवश्य पहुंचाएं ताकि लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा की जा सके। उन्होंने ऑक्सीजन सप्लाई पर भी लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन सप्लाई अथवा दवाओं की सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत पैदा करता है अथवा कालाबाजारी करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए की लॉकडाउन के दौरान पूर्ण गंभीरता बरतें और बगैर किसी कार्य के बाहर निकले लोगों पर कार्रवाई भी करें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक निजी अस्पताल के बाहर इलाज के लिए रेट लिस्ट अवश्य चिपकी होनी चाहिए। प्रत्येक निजी अस्पताल मरीजों से इतनी ही फीस ले जितनी निर्धारित की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रखें और निजी अस्पतालों को निर्देश भी जारी करें। उन्होंने जिला में अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की बिंदु दर बिंदु समीक्षा भी की। मीटिंग में उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 मैनेजमेंट के लिए एकीकृत ऐप भी लॉन्च किया जाए ताकि कोविड-19 से संबंधित सभी सूचनाएं एवं आवश्यक जानकारियां संबंधित व्यक्ति वहां से प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह आपदा का समय है और इस समय में हमें बगैर घबराए लोगों की मदद के लिए आगे आना है। उन्होंने कहा कि सभी फ्रंटलाइन वर्करों का हौसला बढ़ाना है। स्वास्थ्य विभाग हो या पुलिस विभाग सभी मिलकर इस लड़ाई में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। ऐसे में हमें एक बेहतर प्रबंधन देकर कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। मीटिंग में मंडलायुक्त राजेश जून, पुलिस आयुक्त ओपी सिंह, उपायुक्त यशपाल, नगर निगम आयुक्त डॉ गरिमा मित्तल, एसडीएम फरीदाबाद परमजीत चहल, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नवदीप नैन, प्रशांत अटकान, सीएमओ डॉ रणदीप सिंह पुनिया, डिप्टी सीएमओ डॉ राम भगत सहित कई अधिकारी मौजूद थे।