Faridabad NCR
द्रौपदी चीरहरण से श्रीकृष्ण लीला तक—छात्रों की प्रस्तुतियों ने रचा सांस्कृतिक उत्कर्ष
Faridabad Hindustanabtak.com/Dinesh Bhardwaj : 30 नवंबर। जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव आज ऊर्जा, उल्लास और सांस्कृतिक विविधता के रंगों से सराबोर रहा। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एनआईटी-5 की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत महाभारत के द्रोपदी चीरहरण प्रसंग से हुई। उनकी सशक्त अभिनय क्षमता और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया, जिसके बाद सभागार में उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।
इसके बाद संध्या चौधरी ने अपनी रागनी प्रस्तुति के माध्यम से वातावरण में सुरों की ऐसी मिठास घोल दी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। उनकी गायकी की सुरीली लय, अभिव्यक्ति की स्पष्टता और प्रस्तुति की गरिमा ने उपस्थित नागरिकों का मन मोह लिया। दर्शकों ने पूरा उत्साह दिखाते हुए तालियों के माध्यम से उनके प्रदर्शन की सराहना की और कलाकारों का मनोबल बढ़ाया।
जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में एनआईटी-05 स्थित गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने महाभारत के एकलव्य–द्रोणाचार्य प्रसंग का प्रभावशाली मंचन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों की संवाद-अभिनय क्षमता, भाव-प्रदर्शन और दृढ़ता से भरे मंचन ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति समाप्त होते ही कन्वेंशन हॉल में जोरदार तालियों की लंबी गूंज सुनाई दी, जिसने उनकी मेहनत और प्रतिभा को सार्थक सम्मान दिया।
कार्यक्रम की शृंखला में आगे सेक्टर-55 स्थित राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने श्रीकृष्ण लीला पर आधारित मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी अभिव्यक्ति, ताल-माधुर्य और समन्वित प्रस्तुति ने मंच का वातावरण भक्तिरस और सौंदर्य से भर दिया। दर्शकों ने उनकी लयात्मक और भावपूर्ण प्रस्तुति का हार्दिक आनंद लिया तथा उत्साहपूर्वक तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। इन प्रस्तुतियों ने महोत्सव को सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक ऊर्जा से और अधिक जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर मनोनीत पार्षद जसवंत पवार, नगर निगम सचिव डॉक्टर विजय पाल यादव, जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल सिंगला, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, समाजसेवी, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
