Faridabad NCR
साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ओल्ड फरीदाबाद के लोगो को साइबर फ्रॉड के प्रति किया जागरूक
Faridabad Hindustanabtak.com/Dinesh Bhardwaj : पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य के आदेश व डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल के दिशा-निर्देश के तहत साइबर थाना एनआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम ने एमसीएफ पार्क, सेक्टर-19, तालाब रोड बैण्ड मार्किट रोड पर करीब 300 से अधिक महिला और व्यक्तियों को साइबर फ्रॉड के विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक किया।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आज साइबर थाना बल्लबगढ़ टीम SI कैलाश चंद,HC राकेश,महिला सिपाही प्रीति और एसपीओ जसबीर के द्वारा साइबर अपराध के संबंध में जागरुक कर इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। आजकल साइबर अपराध सिम को 5 जी में बदलने के लिए कॉल, होम लोन के कॉल, लाटरी के कॉल इत्यादि के नाम पर लोगो को ठगने की कोशिश कर रहे है। हमें किसी को भी फोन पर ओटीपी सीसीवी नम्बर, एटीएम नम्बर, किसी भी लिंक पर क्लिक न करे और पेमेंट के लिए क्यूआर कोर्ड ने भेजे। साइबर पुलिस टीम ने बताया कि आजकल फोन पर कुछ मिनटों में लाखों रुपए का लोन सस्ते ब्याज पर देने का दावा करने वाले बहुत सारे फर्जी ऐप मौजूद हैं जो चंद मिनटों में ही बड़ी रकम का लोन देने का झूठा दावा करते हैं। आज के समय में मोबाइल एप्स के माध्यम से पैसे का लेनदेन बेहद आसान हो गया है। सभी लोग मोबाइल के जरिए आसानी से पेमेंट कर लेते हैं। अब इस मोबाइल क्रांति के साथ ही पिछले कुछ सालों में मोबाइल ऐप के माध्यम से फोन पर लोन देने वाले आप भी एक्टिव हो चुके हैं। आजकल फोन पर चंद सेकेंड में लोन प्राप्त करने के विज्ञापन नजर आते हैं। गूगल प्लेस्टोर पर भी इंस्टेंट लोन देने वाले सैकड़ों मोबाइल एप्स मौजूद हैं। कुछ मिनटों में लाखों रुपए का लोन देने का दावा करने वाले यह मोबाइल आपके बैंक अकाउंट, एटीएम व क्रेडिट कार्ड संबंधित जानकारी एकत्रित करते हैं जिसके पश्चात आपके बैंक खातों की सारी जानकारी साइबर ठगों के पास पहुंच जाती है और वह आप को लोन देने की बजाय आपके खाते में पड़े सारे पैसे उड़ा लेते हैं। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार के सस्ते लोन या लुभावने ऑफर के लालच में न आएं और यदि आपको लोन की आवश्यकता है तो इसके लिए बैंक से संपर्क करें अन्यथा आपकी सारी मेहनत की कमाई यह साइबर् ठग कुछ मिनटों में ही गायब कर सकते हैं। इसके साथ ही आमजन को साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जागरूक करते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी की वारदात घटित हो जाती है तो वह तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें और उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी के बारे में जानकारी दें। साइबर टीम द्वारा साइबर अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज करवाकर आपकी रकम आप तक वापस पहुंचा सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद सभी नागरिकों ने पुलिस टीम द्वारा साइबर अपराध के बारे में दी गई जानकारी के लिए पुलिस टीम का तहे दिल से धन्यवाद किया।