Faridabad Hindustanabtak.com/Dinesh Bhardwaj : 5 अप्रैल। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. रामचंद्र सोनी ने लोगों को घरों में सप्लाई हो रहे पेयजल को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में सामने आया है कि सप्लाई किए जा रहे पानी में क्लोरीन की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई है, जिससे यह पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सावधानी बरत कर अनेक बीमारियां से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले वर्ष लिए गए पेयजल के 500 में से 69 प्रतिशत की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, यानी इन सैंपल में मौजूद पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा। विभाग का कहना है कि पानी में क्लोरीन की मात्रा की नियमित जांच और संतुलन बेहद जरूरी है, ताकि जलजनित बीमारियों से बचाव किया जा सके। कम क्लोरीनयुक्त पानी पीने से लोगों में पीलिया, टाइफाइड, दस्त और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
एकॉर्ड अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राम चंद्र सोनी ने बताया कि “गर्मी के मौसम में पानी से जुड़ी बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। यदि लोग बिना उबाले या फिल्टर किए पानी का सेवन करते हैं, तो इससे गंभीर संक्रमण हो सकते हैं।” उन्होंने कहा कि पानी की शुद्धता को लेकर लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। डॉ. सोनी ने सलाह दी कि लोग घरों में सप्लाई हो रहे पानी को पीने से पहले अच्छी तरह उबालें या प्रमाणित वॉटर प्यूरीफायर से फिल्टर करें। साथ ही नगर निगम और संबंधित विभागों को भी नियमित रूप से पेयजल की जांच कर मानकों के अनुरूप क्लोरीन की मात्रा सुनिश्चित करनी चाहिए।