Faridabad NCR
ट्रेडिंग के नाम पर 58.56 लाख रुपए की ठगी के मामले में साइबर थाना सेंट्रल की पुलिस टीम ने दो और आरोपियों को मध्यप्रदेश से किया गिरफ्तार

Faridabad Hindustanabtak.com/Dinesh Bhardwaj : पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता द्वारा शहर में साइबर अपराधियों पर कार्यवाही के दिए गए दिशा-निर्देश के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए थाना साइबर सेंट्रल की पुलिस टीम ने शेयर मार्किट में निवेश कराने का झांसा देकर धोखा-धड़ी करने के मामले में 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बतलाया कि साइबर थाना सेंट्रल में सेक्टर 16 के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दी। जिसमें बताया कि 18 मई को उसके पास एक अनजान नंबर से फोन आया और कहा कि वह शेयर ट्रेडिंग कंपनी में काम करता है तथा लोगों को शेयर ट्रेडिंग कराता है। निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। जिसने शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ा। जिस ग्रुप में 29 मई को एक ऐप का लिंक भेजा और लिंक के माध्यम से एक अकाउंट खोलने के लिए कहा । शिकायतकर्ता ने पहली बार ₹10000 जमा किया जिसके बाद ट्रेडिंग होने लगी। इस प्रकार शिकायतकर्ता ने लालच में आकर पैसे निवेश किए। इसके बाद ठगो ने IPO खरीदने पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। जिस पर शिकायतकर्ता ने आईपीओ के लिए अप्लाई किया और शिकायतकर्ता के चार आईपीओ निकले। जब शिकायतकर्ता ने आईपीओ के पैसे निकालने चाहे तो टैक्स के नाम पर 31 लाख रुपए जमा करने को कहा। शिकायतकर्ता निवेश के लिए 58.56 लाख रुपए जमा कर चुका था, जिस पर उसके साथ धोखाधड़ी हुई, शिकायतकर्ता की शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज किया गया।
साइबर थाना सेंट्रल पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को शिवपुरी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल पाल वासी गांव बाडोरा जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश और नरोत्तम गुर्जर वासी गांव दुमदुमा जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश का नाम शामिल है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खाता उपलब्ध कराते है। जिसके लिए आरोपी खाते में आए ठगी के पैसे में से 1% का हिस्सा लेते थे। उपरोक्त मामले के ठगी के 46.50 लाख रु आये थे। दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए माननीय अदालत में पेश कर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
मामले में कार्तीकेय कौरव, पवन पाठक और महेन्द्र सिंह डागीं को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।