सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल में पृथ्वी दिवस का डिजिटल आयोजन

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल, दयाल बाग फरीदाबाद ने बहुत ही अनोखे तरीके से पृथ्वी दिवस मनाया। प्राथमिक कक्षाओं से लेकर सीनियर कक्षाओं तक स्कूल ने कई गतिविधियों का आयोजन किया। सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल के प्री प्राइमरी और प्राइमरी विंग घर पर रहकर पौधारोपण में भाग लिया, पौधों में पानी डाला, मदर प्लैनेट के चित्र मास्क के साथ और हिंदी-अंग्रेजी कविता पाठ, अन्य रोल प्ले गतिविधियों में भाग लिया। छात्रों ने अपनी आंतरिक भावनाओं को  संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया और उनके वीडियो व चित्र कक्षा शिक्षकों को भेजे गए जिन्हें बहुत सराहा गया। मध्य विंग के छात्रों ने अपने नारे, पोस्टर, निबंध प्रस्तुत किए जबकि वरिष्ठ छात्रों ने पृथ्वी दिवस के महत्व पर पीपीटी बनाये जिसमें वर्तमान परिदृश्य को दर्शाया गया है कि किस तरह दुनिया को कोविद 19 का  सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों छात्रों ने उत्साह से भाग लिया और पृथ्वी पर लॉकडाउन के सकारात्मक प्रभाव भी दिखाए। ब्यूटिफुल नेचर, क्लींन एंड ट्रांसपेरेंट वॉटर रिसोर्स फॉर एक्वेटिक लाइफ़, क्लीन हवा में मेडिटेशन, जंगली जानवरों का रोड्स एंड हाईवे पर विचरण, नो हॉर्न जोन आदि। विधालय की प्रिंसिपल श्रीमती शुभ्रता सिंह ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर बच्चों और शिक्षकों को संबोधित किया और कहा कि हमें अपनी पृथ्वी को ईमानदारी से स्वच्छ रखना होगा। संपूर्ण वन और जलीय जीवन की अपनी एक इको श्रृंखला है लेकिन हमने इसे बिगाड़ दिया है इसलिए हम वर्तमान महामारी की स्थिति का सामना कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति से अरबों बच्चों ने सबक लिया है तो वे निश्चित रूप से प्रकृति और मानव की निर्भरता का पालन करेंगे। स्कूल के निदेशक सत्येन्द्र भड़ाना ने छात्रों को अपनी उत्कृष्ट कृति प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी और इस तरह की शानदार गतिविधियों के संचालन के लिए कर्मचारियों की सराहना की। श्री भड़ाना ने आगे कहा कि माता-पिता और छात्र कोविद-19 स्थिति से खुद को कुछ रचनात्मकता के माध्यम से हटा सकते हैं अन्यथा लॉकडाउन कभी-कभी अवसाद देता है। यह बच्चों के समग्र विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है । सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल पूरी तरह से हरा-भरा स्कूल हैं जो पूरे साल इको बेस्ड एक्टिविटीज संचालित करता है। इस स्कूल ने प्रो-क्लाइमेट ग्रीन अवार्ड भी जीता है। श्री भड़ाना ने याद किया कि पिछले साल 2019 में पृथ्वी दिवस नेटवर्क ने देश भर में पृथ्वी  को स्वच्छ रखने के लिए “अमेरिका के साथ भागीदारी की जबकि इस वर्ष अमेरिका सर्वाधिक कोविद 19 मामलों और मृत्यु के मामलों से पीड़ित है। उम्मीद है कि हमारी वर्तमान पीढ़ी स्वच्छ वायु अधिनियम, जल गुणवत्ता सुधार अधिनियम के तहत ईपीए दिशानिर्देशों का पालन करेगी। स्कूल के कर्मचारियों ने अर्थ ऑवर का भी पालन किया।