मेट्रो अस्पताल बना फरीदाबाद का पहला इकमो-(ईसीएमओ) मशीन इस्तेमाल करने वाला अस्पताल

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 28 जनवरी। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में निजी अस्पताल देश ही नहीं अपितु विदेशों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में डाक्टरों ने जिस प्रकार कोरोना वॉरियर्स बनकर लोगों की जान बचाने का काम किया है, वह देश के इतिहास में स्वर्णिंम अक्षरों में दर्ज हो चुका है। श्री गुर्जर गुरूवार को फरीदाबाद के सेक्टर-16ए स्थित मेट्रो अस्पताल में बतौर मुख्यातिथि एक्सट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजिनेशन इकमो-(ईसीएमओ) मशीन का उद्घाटन करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के फाउंडर एवं चेयरमैन पदम विभूषण, पदमभूषण एवं डा. बी.सी. राय नेशनल अवार्डी डा. पुरूषोत्तम लाल ने कृष्णपाल गुर्जर का अस्पताल में आने पर फूलों का बुक्के देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर एवं डायरेक्टर कार्डियोलॉजी डा. नीरज जैन एवं चीफ आप्रेटरिंग ऑफिसर एवं मेडिकल सुपरीडेंट डा. मनजिन्द्र भट्टी उपस्थित थे। फेफड़े एवं हार्ट फेल मरीजों के लिए अब एक्सट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजिनेशन इकमो-(ईसीएमओ) अत्याधुनिक मशीन एक उम्मीद की नई किरण बनकर आई है और मेट्रो अस्पताल ऐसा पहला अस्पताल है, जो फरीदाबाद में इस तकनीक को अपनाते हुए गंभीर रोगियों की जिंदगी बचाने का काम करेगा। इस अवसर पर कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि मेट्रो अस्पताल पिछले कई वर्षो से फरीदाबाद ही नहीं अपितु देशभर के साथ-साथ विदेशी मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है और यह फरीदाबाद के लिए गर्व की बात है कि तमाम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल उनके जिले में स्थापित है। कार्यक्रम में मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के फाउंडर एवं चेयरमैन डा. पुरूषोत्तम लाल ने कहा कि मेट्रो अस्पताल का उद्देश्य लोगों को वाजिब दामों पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना है और हमारा सदैव यही प्रयास रहा है कि आधुनिक तकनीकें अस्पताल में लाकर लोगों को बेहतर इलाज दिया जाए ताकि उन्हें दूरदराज न भागना पड़े। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी अस्पताल नित-नए आधुनिक तकनीकें यहां लाने का प्रयास करता रहेगा और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देता रहेगा। इस मौके पर अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर एवं डायरेक्टर कार्डियोलॉजी डा. नीरज जैन ने बताया कि इकमो-(ईसीएमओ) एक एडवांस तकनीक की यांत्रिक जीवन समर्थन (लाइफ सपोर्ट) मशीन है। ये शरीर से रक्त निकालता है, उसे ओक्सिजनेट करता है, उस रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को निकालता है, फिर शरीर में रक्त को वापस करता है, जिससे रोगी के क्षतिग्रस्त अंग या दिल की गति ठीक हो जाती है। उन्होंने बताया कि इकमो-(ईसीएमओ) दो प्रकार के होते हैं वेनोएटोरियल, जो हृदय और फेफड़ों को सपोर्ट करती है। वेनोवेनॉस, जो केवल फेफड़ों के लिए ऑक्सीकरण सपोर्ट करती है। इकमो-(ईसीएमओ) फेफड़ों के प्रत्यारोपण सहित सर्जरी से पहले और बाद में गंभीर हृदय और श्वसन विफलता वाले रोगियों के लिए एक रामबाण का काम करता है। उन्होंने बताया कि इकमो-(ईसीएमओ)  का उपयोग हार्ट फेल, फेफड़ों के काम ना करने या दिल की सर्जरी से उबरने वाले रोगियों के लिए किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मशीन के आने के बाद फरीदाबाद, दिल्ली एनसीआर एवं अन्य प्रदेशों से आने वाले रोगियों को नया जीवनदान प्रदान होगा। डा. मनजिन्द्र भट्टी ने बताया कि जब डॉक्टर हृदय या फेफड़ों की सर्जरी करने से पहले अन्य अंगों जैसे कि गुर्दे या मस्तिष्क की स्थिति का आकलन करना चाहते हैं, उस दौरान इकमो-(ईसीएमओ) की जरूरत पड़ती है। इकमो-(ईसीएमओ) ऊतकों को अच्छी तरह से ऑक्सीजन युक्त रखने में मदद करता है, जो रोगी को प्रत्यारोपण के लिए बेहतर बनाता है।