बजट 2021 में वित्त मंत्री ने घोषणा से ज़रूरी क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा : डॉ प्रशांत भल्ला

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : यह उत्साहजनक है कि ‘मानव पूंजी, नवोन्मेष और अनुसंधान एवं विकास’ को सुदृढ़ करना भारत की विकास गाथाओं में से एक है। बजट 2021 में वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि NEP द्वारा प्रस्तावित की गई नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 2026 साल तक 50,000 करोड़ अंकित किए गए हैं। इससे निश्चित रूप से ज़रूरी क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही, लेह में एक नए केंद्रीय विश्वविद्यालय के बारे में घोषणा की गई हैं जिसकी संरचना के अंतर्गत वह नौ शहर होंगेजिनमे शैक्षणिक संस्थानों की एक बड़ी एकाग्रता है। और भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना करने हेतु इस वर्ष एक विधेयक भी लाया जाएगा। एचईसीआई संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल लाएगा, और कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को बेंचमार्किंग, मान्यता, विनियमन और फंडिंग में सहायता प्रदान करेगा।

सरकार ने स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर एक खेल-आधारित लर्निंग पेडगोजी विकसित करने पर ज़ोर दिया है। इस कदम से साधारण और रॉट लर्निंग कक्षा अनुभव एक आकर्षक और आनंदमय अनुभव में बदल जाएगा। ध्यान दें तो मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल बहुत सालों से NEP द्वारा प्रस्तावित की गई व्यक्तिगत खेल-आधारित लर्निंग पद्धति का अनुसरण कर रहा है।

जापानी औद्योगिक और व्यावसायिक कौशल तथा तकनीक के हस्तांतरण के लिए भारत और जापान के बीच सहयोगात्मक प्रशिक्षण इंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) एक सकारात्मक कदम है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ कौशल योग्यता, मूल्यांकन और प्रमाणन के लिए प्रस्तावित साझेदारी से सर्टिफाइड वर्कफोर्स की तैनाती भी होगी।

वरिष्ठ और सेवानिवृत्त शिक्षक निरंतर ऑनलाइन/ऑफ़लाइन समर्थन के माध्यम से स्कूल के शिक्षकों की विभिन्न विषयों और पेडगोजी पर व्यक्तिगत मेंटरिंग करेंगे। गौर करें तो मानव रचना शैक्षणिक संसथान ने पहले ही फरीदाबाद शिक्षा परिषद के साथ मिलकर सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए ‘शिक्षक ऑन कॉल’ कार्यक्रम से इस मॉडल की सफलता का प्रदर्शन किया है।

डुअल डिग्री, जॉइंट डिग्री और जुड़वां व्यवस्था की अनुमति के लिए एक नियामक कार्यविधि प्रस्तावित की गई है। यह विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देगा और ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम को मजबूत करेगा। छात्रों को शिक्षुता की प्राप्ति के लिए 3000 करोड़ रुपये का एक कोष आवंटित किया गया है। हालांकि, यह आवंटन देश के कौशल मिशन को प्राप्त करने के लिए कम लगता है।