उन्नत तकनीकी ज्ञान द्वारा शिक्षक अनुसंधान को बढ़ावा दें : कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 27 मई जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कैमिस्ट्री विभाग द्वारा ‘स्पेक्ट्रोस्कोपिक और विश्लेषणात्मक तकनीकः अनुप्रयोग’ विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलेपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम को गुरु अंगद देव शिक्षण अध्ययन केंद्र, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों लगभग 200 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दिनेश कुमार द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से प्रो. नागेश ठाकुर, (सदस्य यूजीसी) तथा डाॅ ओम प्रकाश विशिष्ट अतिथि रहे और पीडीएम विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रो. ए.के बख्शी उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता रहे।
इस अवसर पर कैमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष डाॅ. रवि कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्पेक्ट्रोस्कोपी की विभिन्न अन्वेषण विधियों तथा इसकी प्रगति से प्रतिभागियों को परिचित करवाना है। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने संकाय सदस्यों के ज्ञानवर्धन के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पर विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा प्रतिभागियों को उन्नत अन्वेषण विधियों की जानकारी हासिल करने तथा इससे जुड़े अनुसंधान में रूचि लेने के लिए प्रेरित किया। प्रो. नागेश ठाकुर ने स्पेक्ट्रोस्कोपी की विभिन्न अन्वेषण विधियों से परिचित करवाया। प्रो. ओम प्रकाश ने स्पेक्ट्रोस्कोपी के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. ए.के बख्शी ने प्रतिभागियों को स्पेक्ट्रोस्कोपी के प्रमुख सिद्वांतों से अवगत करवाया। उन्होंने कोरोना संकट के दौरान आनलाइन माध्यमों द्वारा शिक्षा प्रणाली में शिक्षकों की भूमिका तथा प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अन्य सत्रों को एमडीयू रोहतक से प्रो. एस.पी. खटकर, आईआईटी दिल्ली से प्रो. शशांक तथा आईआईटी कानपुर से प्रो. पी.सी. मंडल ने संबोधित किया तथा स्पेक्ट्रोस्कोपी तथा पोलरोग्राफी की उपयोगिता एवं अनुसंधान पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन एवं संयोजन डाॅ. विनोद कुमार, डाॅ. बिन्दू मंगला, डाॅ. सीताराम तथा डाॅ. अनुराग की देखरेख में किया जा रहा हैं।