बहुविषयक शोध एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान में गणित की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 28 जनवरी जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने गणित के विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं से तकनीेकज्ञों तथा इंजीनियरों के साथ ज्ञान साझा करते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने का आह्वान किया तथा बहुविषयक शोध एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार आज गणित विभाग द्वारा हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के सहयोग से ’गणितीय मॉडलिंग और सिमुलेशन’ पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो दिनेश कुमार और अन्य गणमान्य लोगों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र में आईआईटी रुड़की के प्रो. संदीप बनर्जी मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर गणित की अध्यक्षा डॉ। नीतू गुप्ता भी उपस्थित थीं।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की गणित विषय में रुचि विकसित करना है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से 100 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर बोलते हुए, कुलपति ने अकादमिक विषय के रूप में गणित के महत्व पर बल दिया और विद्यार्थियों को गणित के व्यापक दायरे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की सभी शाखाओं का प्रमुख आधार गणित ही है। उन्होंने शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को गणितीय अनुसंधान में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
इससे पहले, डॉ. नीतू गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्य और विभागीय गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, प्रो. संदीप बनर्जी ने कहा कि गणितीय मॉडलिंग और सिमुलेशन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. बनर्जी ने गणितीय मॉडलिंग में शामिल अवधारणाओं पर प्रतिभागियों की रुचि जागृत की। उन्होंने इंजीनियरों तथा वैज्ञानिकों की रुचि के अनुरूप गणितीय तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया। डॉ. बनर्जी ने अपने संबोधन में जीव विज्ञान में विभिन्न प्रकार के गणितीय मॉडल जैसे कि प्री-प्रीडेटर, रूमर, लेजी-स्टूडेंट, आर्म-रेस, और ब्रेन ट्यूमर मॉडल इत्यादि पर बात की तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में बताया।
इसके उपरांत वरिष्ठ डेटा वैज्ञानिक डॉ. परमजीत सिंह ने डेटा विज्ञान पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया और प्रतिभागियों को डेटा साइंस में करियर के अवसरों से अवगत कराया। कार्यशाला के अंतर्गत पोस्टर प्रस्तुति तथा मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है।