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फोर्टिस फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में 17-मिनट की एडवांस एंजियोप्लास्टी के बाद महिला मरीज का जीवन बचाने में मिली कामयाबी, 68-वर्षीय मरीज क्रिटिकल ट्रिपल वैसल हार्ट डिज़ीज़ से ग्रस्त थीं फरीदाबाद में 17-मिनट की एडवांस एंजियोप्लास्टी के बाद महिला मरीज का जीवन बचाने में मिली कामयाबी, 68-वर्षीय मरीज क्रिटिकल ट्रिपल वैसल हार्ट डिज़ीज़ से ग्रस्त थीं

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Faridabad Hindustanabtak.com/Dinesh Bhardwaj : 02 जुलाई। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने समय पर उपचार देकर, 68-वर्षीय मरीज की जान बचायी है जो क्रिटिकल ट्रिपल वैसल कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (टीवीडी) से ग्रस्त थीं। यह एक प्रकार की जीवनघातक कंडीशन है जिसमें हृदय को रक्तापूर्ति करने वाली तीनों प्रमुख धमनियों में गंभीर रूप से रुकावट पैदा हो जाती है। डॉ संजय कुमार, सीनियर डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद के नेतृत्व में, कार्डियाक टीम ने इस कंडीशन के उपचार के लिए जटिल मल्टी-वैसल एंजियोप्लास्टी कर तीनों धमनियों में रक्तप्रवाह को बहाल किया और इस तरह हार्ट फेल होने तथा कार्डियाक मौत की आशंका को भी दूर कर दिया।

जिस रफ्तार और सटीक तरीके से इस सर्जरी को पूरा किया गया, वह भी कम सराहनीय नहीं है। इस प्रकार की जटिल ट्रिपल-वैसल एंजियोप्लास्टी प्रक्रियाओं में आमतौर से करीब दो घंटे का समय लगता है, जबकि फोर्टिस टीम ने मात्र 17 मिनट (9.6 मिनट का कैथ लैब फ्लूरो टाइम) में इसे पूरा किया, जिससे काफी तेजी से मरीज की तीनों प्रमुख धमनियों में रक्तप्रवाह को बहाल किया जा सका, जो कि बेहद जरूरी था क्योंकि मरीज की हालत तेजी से बिगड़ रही थी।

मरीज को बार-बार सीने में दर्द और काफी सांस फूलने की शिकायत थी, और हृदय की कई प्रमुख धमनियों के प्रभावित होने की वजह से एक्यूट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक), हार्ट फेल होने और अचानक कार्डियाक मृत्यु का जोखिम बढ़ गया था। उनकी एंजियोग्राफी से क्रिटिकल ट्रिपल वैसल कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (टीवीडी) की पुष्टि हुई, जिससे यह पता चला कि मरीज जीवनघाती कोरोनरी आर्थेरोस्क्लेरोटिक रोग के खतरे से जूझ रही थीं। करीब 100 किलोग्राम से अधिक वज़न के चलते अत्यधिक मोटापे के कारण भी मरीज की हालत गंभीर और जटिल हो गई थीं, और इसके कारण कार्डियोवास्क्युलर दबाव तथा उपचार प्रकिया के दौरान भी काफी खतरा था।

शुरुआत में मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक एडवांस एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया को लेकर तैयार नहीं थे और उन्हें उपचार के बारे में मन बनाने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया। लेकिन, जब मरीज कैथ लैब रिकवरी एरिया में चिकित्सकीय निगरानी में थीं, तभी अचानक एक्यूट हार्ट फेल के लक्षण दिखायी देने लगे, जिसके लिए तत्काल हस्तक्षेप करना जरूरी हो गया।

कार्डियोलॉजी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एंजियोप्लास्टी की और हृदय की दो अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिए स्टैंट डाले तथा तीसरी अवरुद्ध धमनी को खोलने के लिए एक विशेष दवायुक्त गुब्बारे की मदद से बैलून एंजियोप्लास्टी की गई। इस प्रक्रिया से तीनों धमनियों में रक्तापूर्ति को बहाल किया जा सका। प्रक्रिया के बाद मरीज की हालत स्थिर है, और सुधार को देखते हुए 24 घंटे बाद ही स्थिर अवस्था में उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है।

इस मामले की और जानकारी देते हुए, डॉ संजय कुमार, सीनियर डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद* ने बताया, “यह बेहद नाजुक और समय के लिहाज से काफी संवेदनशील मामला था। मरीज की तीनों प्रमुख हृदय धमनियां काफी गंभीर रूप से रोगग्रस्त थीं और जब उनके उपचार के बारे में फैसला लिया जा रहा था, उसी बीच, उनके हार्ट फेल होने की स्थिति भी सामने आयी। ऐसे हालात में, एक-एक पल काफी महत्वपूर्ण था। मरीज को सांस फूलने की भी काफी समस्या थी, इसलिए उन्हें लंबे समय तक लिटाकर नहीं रखा जा सकता था, ऐसे में हमने उनकी सुरक्षा या सटीकता के साथ ज़रा भी समझौता किए बगैर कम से कम समय के अंदर इलाज की प्रक्रिया को पूरा किया। मरीज की तीनों रोगग्रस्त धमनियों का 17 मिनट (9.6 मिनट का कैथ लैब फ्लूरो टाइम) में उपचार करना बेहद चुनौतीपूर्ण था लेकिन ऐसा करना मरीज की जान बचाने के लिए जरूरी था। यदि समय पर यह न किया जाता, तो बहुत मुमकिन है कि मरीज को गंभीर रूप से हार्ट अटैक की समस्या हो सकती थी, हार्ट फेल भी हो सकता था और ऐसे में उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती थी, या मरीज की मृत्यु भी हो सकती थी। इस मामले ने जटिल किस्म की कोरोनरी इमरजेंसी में त्वरित निदान, समय पर उचित फैसला करने, और एडवांस इंटरवेंशनल कार्डियाक केयर के महत्व को रेखांकित किया है।”

डॉ अभिषेक शर्मा, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद ने कहा, “इस जटिल मामले ने फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद में उपलब्ध एडवांस कार्डियाक केयर इंफ्रास्ट्रक्चर को उभारा है। इस जटिल मामले में, मात्र *17-मिनट (9.6 मिनट का कैथ लैब फ्लूरो टाइम)* में उपचार प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने से हमारी कार्डियाक टीम की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक, जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता सामने आयी है।”

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