सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को स्वच्छता को महत्व देते हुए स्वच्छता एक्शन प्लान तैयार करना होगा : उपायुक्त यशपाल

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 26 जुलाई। उपायुक्त यशपाल यादव ने कहा कि जीवन में स्वच्छता का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को स्वच्छता को महत्व देते हुए स्वच्छता एक्शन प्लान तैयार करना होगा। उपायुक्त यशपाल सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के महात्मा गांधी काउंसिल फॉर रूरल एजुकेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे। ऑनलाइन आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में मानव रचना विश्वविद्यालय को डिस्ट्रिक्ट ग्रीन चैंपियन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए उपायुक्त यशपाल ने कहा कि  स्वच्छता स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण है और यह हमारे व्यक्तिगत जीवन से प्रारंभ होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मानवता की मौलिक आवश्यकता है। इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन 2014 की शुरुआत भी की और उसी के परिणाम स्वरूप भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय राज्य सरकारों से मिलकर कि इस क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने बताया की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से गांव के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए उन्होंने मानव रचना संस्थान को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान ने सफाई एवं स्वास्थ्य कचरा प्रबंधन जल प्रबंधन ऊर्जा प्रबंधन और हरित प्रबंधन ने अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए है। इस अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के प्रतिनिधि डॉ शत्रुघन भारद्वाज ने कार्यशाला का आयोजन किया और फरीदाबाद के उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य को इस विषय पर विस्तार से बताया। डॉ भारद्वाज ने बताया कि स्वच्छता एक्शन प्लान एक बहुत महत्वपूर्ण योजना है जिसमें विश्वविद्यालय महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थान स्वच्छता एवं जल शक्ति पर महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। मानव रचना संस्थान की ओर से प्रोफेसर गुरजीत कौर चावला ने उपायुक्त से अवार्ड ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रोफेसर चावला ने बताया कि मानव रचना निरंतर वास्तविक अर्थों में मानव रचना का कार्य कर रही है और मानवीय मूल्य सामाजिक मूल्य और सैद्धांतिक मूल्य काम निरंतर कार्य कर शिक्षा के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है