कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने मनाया ‘किसान अधिकार दिवस’

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 31 अक्तूबर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा कुमारी सैलजा जी के निर्देशानुसार फरीदाबाद के कांग्रेसजनों के द्वारा सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जन्मदिन व स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी के शहीदी दिवस के अवसर ‘किसान अधिकार दिवस’ मनाया गया और इस दौरान इस दौरान विधायक नीरज शर्मा, सुधा भारद्वाज कार्यकारी अध्यक्ष हरियाणा महिला कांग्रेस कमेटी, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड, योगेश ढींगड़ा, कोर्डिनेटर गौरव ढींगड़ा, बलजीत कौशिक, चेयरमैन राकेश भड़ाना, प्रवक्ता जितेन्द्र चंदेलिया,मनोज आगर्वाल, गुलशन बग्गा, एस एल शर्मा, मुकेश शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर राजेन्द्र भामला, अशोक रावल, अनीसपाल, नरेश शर्मा, भरत अरोड़ा, एडवोकेट सुभाष कौशिक, वेद प्रकाश यादव, विनोद कौशिक, अनिल शर्मा, सोनू सलूजा, हरीश अरोड़ा, सन्नी कपूर, मोहित अरोड़ा, त्रिलोकचंद तंवर, गगन कपूर, रेणू चौहान, जिलाध्यक्ष महिला कांगेस प्रियंका भारद्वाज, अनुज शर्मा एडवोकेट, आईटी सैल इंचार्ज डौ. सौरभ शर्मा सहित सभी कांग्रेसजनों ने फरीदाबाद के बेटी निकिता तोमर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और एकमत में दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग उठाई। भाजपा सरकार अपने तीन किसान विरोधी काले कानूनों के माध्यम से किसान, आढ़तियों खेत- मजदूर, छोटे दुकानदार, मंडी मजदूर, कर्मचारियों की आजीविका पर एक क्रूर हमला बोला है। यह किसान, खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना षड्यंत्र है। भाजपा सरकार तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की  हरित क्रांति को हराने की साजिश कर रही है। देश के अन्नदाता व भाग्यविधाता किसान तथा खेत मजदूरों की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रखने का भाजपाई कुप्रयास है। आज देश भर के 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इन काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लेकिन दुर्भाग्यवश भाजपा सरकार सभी आवाजों को दबाते हुए देश को बरगला रही है। अन्नदाताओं की बात सुनना तो दूर, यह जनविरोधी सरकार तो किसानों को सरेआम लाठियों से पिटवा रही है। संघीय ढांचे का उल्लंधन कर, संविधान को रौंदकर, संसदीय प्रणाली को दरकिनार कर बहुमत के आधार पर दमनकारी भाजपा सरकार ने संसद के अंदर संसदीय गरिमा को कुचलते हुए जबरन तथा बगैर किसी चर्चा के अलोकतांत्रिक तरीके से इन बिलों को पारित करवा लिया। यहां तक कि राज्यसभा प्रजातंत्र को तार-तार कर ये काले कानून पारित किए गए। आज अगर अनाजमंडी- सब्जीमंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी तो ‘कृषि उपज खरीद प्रणाली’ भी पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। ऐसे में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कैसे मिलेगा, कहां मिलेगा और कौन देगा? मंडियों के खत्म होते ही अनाज मंडी- सब्जी मंडी में काम करने वाले लाखों मजदूरों और आढ़तियों की आजीविका अपने आप खत्म हो जाएगी।
इन काले कानूनों के माध्यम से किसानों को ठेका प्रथा में फंसाकर उन्हें अपनी ही जमीन में मजदूर बना दिया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की सबसे बड़ी खामी तो यही है की इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य देना अनिवार्य नहीं है, इससे हमारे अन्नदाता किसान बड़ी-बड़ी कंपनियों के गुलाम बन जाएंगे।
किसानों के साथ- साथ यह जनविरोधी सरकार महिलाओं और बेटियों के लिए भी बेहद घातक साबित हो रही है। प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों का राज चल रहा है। आए दिन हमारी बेटियों पर हमले हो रहे हैं और यह सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। प्रदेश में हालात इतने भयावह हैं की भाजपा नेताओं को एक दिवंगत बेटी के परिजनों से ढांढस बंधाना भी रास नहीं आया। भाजपा की गुंडागर्दी सीमाएं लांघ कर लोकतंत्र को खत्म करने की तरफ बढ़ रही हैं। हम हरियाणा कांग्रेस प्रभारी श्री विवेक बंसल एवं हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्षा कुमारी सैलजा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं और सरकार से यह मांग करते हैं की इस हमले के साजिशकर्ताओं पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। इस मौके पर रघवर फागना, राजेन्द्र शर्मा, बिजेन्द्र मावी, सोहेल सैफी, इकबाल कुरैशी, राजेश आर्य, श्यामलाल शर्मा, सुरेन्द्र अरोड़ा, रूपा गौतम एवं संजय त्यागी, गौरव वशिष्ठ, अजय रावत, तेजपाल, जयभगवान भारद्वाज, महेन्द्र यादव, दानिश, रामप्रवेश, राजकुमार यादव, कमला मलिक, राजेश दहिया, सहदेव नंबरदार, पूरण चौधरी, रोहताश नैन, पंकज शर्मा, भूपेन्द्र शर्मा, सोनू शर्मा, दिनेश अरोड़ा, हरजिंदर सिंह, राहुल भारद्वाज, सत्यप्रकाश कौशिक, मुकेश शर्मा, कल्लू, लाला शर्मा, संदीप कुमार, रोहन सिंह, साहब सिंह पांचाल, हरबीर मावई, धर्मवीर मलिक, मनोज अरोड़ा, राजकुमार, जावेद, भागवत कौशिक, ब्रह्म पाली, महेश कोट एवं दादा समसुद्दीन आदि मौजूद रहे।