राजा नाहर सिंह महल में आया भूकंप, बल्लभगढ़ एम्बुलेंसों के सायरनों की आवाज से लोग हुए अचम्भित

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 30 नवम्बर। बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह पैलेस में एम्बुलेंसों की सायरनों की आवाजें बाजार में  लोगों की चर्चा विषय बनी। इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ व स्वयं सेवी संगठनों और रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से प्राकृतिक आपदा/ भूकम्प आने पर माकड्रिल कर घायलों के बचाव तथा प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। प्राकृतिक आपदा के दौरान कैसे स्वयं को और अपने सहयोगियों को बचाना है के बारे माकड्रिल का मौका था।

आपदा के दौरान कार्य बेहतर तरीक़े से कैसे  करें और किसी प्राकृतिक आपदा में कार्य किया है तो अनुभव भी आपस में साझा करें। मंगलवार को जिला प्रशासन एवं एनडीआरएफ के सहयोग से राजा नाहर सिंह महल में आपदा प्रबंधन एवं बचाव के लिए डीआरओ बिजेन्द्र सिंह राणा की अध्यक्षता में माकड्रिल की गई।

सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आज मंगलवार को राजा नाहर सिंह पैलेस में जिला प्रशासन एवं एनडीआरएफ द्वारा संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। एक दिन का मॉक ड्रिल में प्राथमिक उपचार और सीपीआर चैक करने बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

इसमें पहले चरण में रैडक्रास के वालिन्टियर द्वारा भूकंप में घायल हुए लोगों का प्राथमिक उपचार करके अस्पतालों में पहुचाने, एनडीआरएफ की टीमो द्वारा अलग-अलग घटनाओं की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देकर और वहां बचाव कार्यों के लिए टीमों के पहुंचने व आपदा से निपटने के रिसपांस के बारे में भी माकड्रिल कर लोगों को बताया गया।

दूसरे सत्र में कर्मचारी व अन्य के साथ आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम के सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन टीम के सदस्यों द्वारा आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। जिसमें कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों तथा घरों में लोगों को आपदा की स्तिथि का सामना करने के बारे में विस्तार पूर्वक अवगत करवाया गया। आपदा के समय घायल व्यक्ति को कैसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल तक पहुंचाने के तौर तरीकों को प्रकटिकल करके जानकारी विस्तार से दी गई।

एनडीआरएफ की टीम ने बताया कि आपदा का कोई भी समय नहीं होता। यह किसी भी समय आ सकती है। आपदा आने की स्थिति में हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

मॉकड्रिल का मूल उद्देश्य आपदा के समय आपदा प्रबंधन कर्मियों की क्षमता व तत्परता की जांच करना होता है साथ के साथ कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को भी आपदा से निपटने के लिए क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए इस बात की जानकारी दी गई।

आज के माकड्रिल में भूकंप के दौरान गैस सप्लाई की लिकिज खत्म करने, ईमारतों के अन्दर से घायलों को बाहर निकल कर उनका प्राथमिक उपचार करके अस्पताल पहुंचाने,टेक्नीकल लाइव डिडैक करने बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इसी प्रकार तीसरी मंजिल से घायलों को रस्सियों के जरिये निचे लाकर प्राथमिक उपचार करके अस्पतालों तक पुंहुचाने बारे भी रिहर्सल की गई।

माँकड्रिल में जिला राजस्व अधिकारी बिजेन्द्र राणा, सरदार गुरुकरण, एनडीआरएफ की महिला एवं पुरुष टीमे,रैडक्रास, फायर ब्रिगेड सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों की टीमों मौजूदगी टीम में माकड्रिल की गई।