नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किये जा रहे है प्रयास : प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 22 अक्टूबर। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा आज ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020ः शिक्षा में समग्र गुणात्मक विकास के लिए भविष्य की राह‘ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला मुख्य वक्ता रहे। संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने की।
संबोधन के दौरान प्रो. कुठियाला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में दिये विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की और विश्वविद्यालय को नीति के प्रभावी कार्यान्वयन का आग्रह किया। उन्होंने नीति के अंतर्गत शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में भी चर्चा की और कहा कि यह नीति कई प्रवेश-निकास विकल्पों की अनुमति देती है जो छात्रों को करियर के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए लचीलापन प्रदान करते हैं। उन्होंने विभिन्न रैंकिंग और मान्यता प्रणालियों और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में रैंकिंग व्यवस्था की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को लागू करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और गुणवत्ता मानकों पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए काम कर रहा है। हाल ही में, विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ रैंकिंग-2021 में इंजीनियरिंग, प्रबंधन और विश्वविद्यालय की श्रेणियों में अपनी सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि नैक मान्यता के अगले चरण में, विश्वविद्यालय को बेहतर परिणाम की उम्मीद है क्योंकि पिछले पांच वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे के मामले में विश्वविद्यालय में बहुत विकास हुआ है और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
संवाद सत्र के दौरान विभिन्न संकाय सदस्यों ने संगोष्ठी के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 पर अपने विचार रखे। रैंकिंग व्यवस्था के बारे में बोलते हुए डीन-क्वालिटी एश्योरेंस प्रो. संदीप ग्रोवर ने कहा कि राज्य या स्थानीय स्तर पर रैंकिंग प्रणाली उन संस्थानों को गुणवत्ता मानकों पर खुद का मूल्यांकन और सुधार करने का अवसर देगी जो आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं या मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। सत्र के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को लेकर शिक्षकों की शंकाओं को लेकर भी चर्चा की गई।
संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा किया गया था और इसमें विश्वविद्यालय के डीन, अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने भाग लिया था। सत्र का आयोजन निदेशक, आईक्यूएसी प्रो. हरिओम द्वारा किया गया। सत्र के अंत में कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।