एफडीए की टीम ने फरीदाबाद में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नकली उत्पादों को तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का किया भंडाफोड़ : स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 10 अप्रैल। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज, जिनके पास खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का प्रभार भी है, ने कहा कि एफडीए की टीम ने फरीदाबाद में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नकली उत्पादों को तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वहीं दूसरी ओर सोनीपत  में एफडीए की टीम ने बिना लाइसेंस के चलाई जा रही गतिविधियों को पकड़ने में भी सफलता हासिल की है।

बहुराष्ट्रीय कंपनी हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड के कई उत्पादों के प्रसिद्ध ब्रॉड्स जैसा कि ‘लैक्मे’ व ‘फिटमे’ इत्यादि का अवैध तौर पर नकली उत्पादन

श्री विज ने बताया कि हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मकान नंबर – 634, सैक्टर-62, फरीदाबाद में बिना लाइसेंस कॉस्मेटिक्स ( सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री ) बनाने की फैक्ट्री चल रही है। विभाग के आयुक्त बजीर सिंह गोयत ने एक टीम का गठन किया, जिसमें करण गोदारा, एसडीसीओ और सन्दीप गहूलान, डीसीओ को शामिल किया गया। टीम ने मौके पर दबिश दी और तलाशी के दौरान पाया कि वहाँ बहुराष्ट्रीय कंपनी हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड के कई उत्पादों के प्रसिद्ध ब्रॉड्स जैसाकि ‘लैकमे’ व ‘फिटमे’ इत्यादि का अवैध तौर पर नकली उत्पादन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एफडीए टीम ने मौके पर पुलिस को बुलाया और बाद में हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के प्रतिनिधि को पहचान हेतू बुलाया गया और इस मौके पर कम्पनी के प्रतिनिधि ने बताया कि यहाँ पर बनाये जा रहे या बन चुके उत्पाद नकली हैं और उनकी कंपनी द्वारा अवैध फैक्टरी के मालिक को इन्हें बनाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।

टीम ने तैयारशुदा उत्पादों ‘लैकमे’ और ‘फिटमे’ ब्रांड्स के कास्मैटिक्स के नमूने जाँच हेतु लिए

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तलाशी के दौरान मौजूद तैयार शुदा उत्पादों में ‘लैकमे’ और ‘फिटमे’ ब्रांड्स के 16 कॉस्मेटिक्स के नमूने जांच हेतु लिए गए और टीम ने अन्य प्रकार के 16 तैयार उत्पाद भी अपने कब्जे में लिए है।  इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड एवं ऐरो फार्मा सिलवासा कंपनी के लेवल लगी खाली बोतलें, कार्टन्स,  ट्यूब इत्यादि बरामद हुए, जिनकी मदद से नकली कॉस्मेटिक बनाये जाते हैं।

कब्जे में लिया गया उत्पाद 20 लाख रुपए का, 30 लाख का कच्चा माल बरामद

उन्होंने बताया कि एफडीए व पुलिस की टीम ने जो उत्पाद कब्जे में लिए हैं उनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपए तथा जो खाली बोतलें, ट्यूबस, लेबलस इत्यादि बरामद किए है, उनकी मदद से 30 लाख रुपये के नकली कॉस्मेटिक उत्पाद बनाए जा सकते हैं। विभाग द्वारा नमूनों को जाँच हेतु भेजा जा रहा है तथा बरामद माल की न्यायलय से कस्टडी ली जायेगी।

फरीदाबाद में एफआईआर दर्ज, फैक्ट्री के एक पार्टनर अमित मित्तल व मैनेजर नवीन कुमार को किया गिरफ्तार

इस मौके थाना आदर्शनगर, फरीदाबाद में एफआईआर दर्ज करवाई गई और फैक्ट्री के एक पार्टनर अमित मित्तल व मैनेजर नवीन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस नकली फैक्टरी को दो भाई अमित मित्तल एवं विपुल मित्तल चलाते है। जाँच के दौरान पता चला कि इनकी मित्तल कॉस्मेटिक्स के नाम से दुकान नंबर 5407, रुई मंडी, सदर बाजार, दिल्ली में फर्म है, जिसके माध्यम से फरीदाबाद में बनाए जाने वाले नकली उत्पाद बेचे जाते हैं। इसकी सूचना हरियाणा एफडीए के राज्य औषधि नियंत्रक श्री मनमोहन तनेजा ने दिल्ली राज्य के औषधि विभाग एवम् महा-औषधि नियंत्रक, भारत सरकार,नई दिल्ली को आगामी कार्यवाही हेतु दे दी है।

सोनीपत में बिना लाइसेंस के चलाई जा रही हैं केमिकल फर्म पर छापा

उन्होंने बताया कि वहीं दूसरी ओर एक अन्य छापेमारी में हरियाणा के एफडीए की टीम ने प्राशा केमिकल्स, बढ़ी, एचएसआईआईडीसी, सोनीपत में बिना विष (poison license) लाइसेंस लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन (Sodium Hypochlorite solution) बनाते हुए पकड़ने में सफलता हासिल की है। टीम का नेतृत्व राकेश दहिया एसडीसीओ, सोनीपत ने किया और इस मौके पर सन्दीप हुडा, डीसीओ भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि सोडियम हाइपोक्लोराइट (Sodium Hypochlorite) हरियाणा पोइज़न रूल्स (Haryana Poison Rules) के तहत विष के तौर पर अधिसूचित है । उन्होंने बताया कि टीम ने 40 हज़ार लीटर उत्पाद बरामद किया है तथा जाँच हेतु नमूने लिए गए है। फर्म के खिलाफ औषधि एवम् प्रासाधन सामग्री अधिनियम 1940, एवम् नियमावली 1945 के तहत मुकदमा दायर किया जायेगा।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की जनता से अपील

स्वास्थ्य मंत्री विज ने हरियाणा की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे दवा, कॉस्मेटिक्स उत्पाद एवम खाद्य पदार्थ उचित खरीद बिल लेते हुए ही खरीदें। उन्होंने कहा कि बिल लेने के दो फायदे हैं, एक यह कि आम तौर पर बिल लेने वाले को नकली सामान नहीं दिया जाता और यदि  दे भी दिया तो दुकानदार मुकर नहीं सकता और उससे सामान दिलवाना सुनिश्चित हो जाता है। श्री विज ने कहा कि राज्य में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और इस प्रकार की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी ताकि लोगों को अच्छी व बेहतर सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकें।