जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप के लिए पांच करोड़ रुपये तक वित्तीय सहयोग

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 19 नवम्बर। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा विद्यार्थियों को इनोवेटिव आइडिया के लिए प्रोत्साहित करने तथा सहयोग करने के उद्देश्य से आईओटी स्टार्ट-अप चैलेंज 2020 का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन भारतीय उपमहाद्वीप में आधुनिक विज्ञान के जनक सर जगदीश चन्द्र बोस की 162वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। औद्योगिक सहभागिता में आयोजित इस चैलेंज के अंतर्गत विजेता विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप के लिए वित्त पोषण के रूप में पांच करोड़ रुपये तक सहायता राशि तथा विश्वविद्यालय के टेक्नोलाॅजी बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर में तीन वर्षों तक इंक्यूबेशन सुविधा प्रदान की जायेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए, कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने कहा कि युवा, नवाचार तथा उद्यमशीलता 21वीं सदी में देश के विकास का इंजन है। इसलिए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित आत्मनिर्भर भारत संकल्पना को साकार करने के लिए युवाओं को रचनात्मक भूमिका निभानी होगी। इसी के दृष्टिगत विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के इनोवेटिव आइडिया प्रोत्साहित करने और समर्थन देने के लिए करने के लिए आईओटी स्टार्ट-अप चैलेंज 2020 का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) पर इनोवेशन स्टार्ट-अप चैलेंज 2020 में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों से 22 नवंबर, 2020 तक प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। विद्यार्थियों को अपने प्रस्तावित समाधान या प्रोजेक्ट पांच क्षेत्रों में एक संक्षिप्त सारांश के साथ प्रस्तुत करने होंगे, जिसमें खाद्य एवं कृषि, सुरक्षा एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य और सफाई, ट्रैक एवं ट्रेस और शिक्षण एवं अध्ययन शामिल हैं। इस आयोजन के विजेताओं की घोषणा 1 दिसंबर, 2020 को की जायेगी, जिसमें एक विजेता और दो उपविजेताओं का चयन किया जायेगा। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित भारतीय सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के महानिदेशक डॉ. ओमकार राय तथा श्री इंद्रेश कुमार कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत 30 नवंबर, 2020 को एक आईओटी कांफ्रेंस का आयोजन भी किया जायेगा, जिसमें अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे मुख्य वक्ता रहेंगे और विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री जयंत सहस्रबुद्धे विशिष्ट अतिथि होंगे। आईओटी स्टार्ट-अप चैलेंज 2020 के अंतर्गत जिन निवेशकों ने विद्यार्थियों के आईओटी प्रोजेक्ट में निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, उनमें एमवी इलेक्ट्रो सिस्टम के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री मोहित वोहरा, एडवेंट ऑयलफील्ड सर्विसेज के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री अनुज कुमार, पीवीएम लॉजिस्टिक्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री मनीष सिंघल, सिंगापुर के जेंगाटीवी के प्रबंध निदेशक और मुख्य तकनीकी अधिकारी श्री शब्बीर मोमिन शामिल हैं। निवेशक जूरी सदस्य दो राउंड में विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करेगा। पहले राउंड में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट का सारांश के आधार पर प्रोजेक्ट का परखा जायेगा, जिसमें प्रोजेक्ट को लेकर समस्या, समाधान तथा व्यवहारिकता संबंधी जानकारी होगी। इसके उपरांत विद्यार्थी को प्रोजेक्ट को लेकर प्रेजेंटेशन देनी होगी। 000 संलग्नः आईओटी स्टार्ट-अप चैलेंज विवरणिका।