मेरा पानी मेरी विरासत योजना बारे किया किसानों को जागरूक

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : 29 जून। डीसी जितेन्द्र यादव के कुशल मार्गदर्शन में जिला फरीदाबाद में मेरा पानी मेरी विरासत योजना के बारे में किसानों को खूब जानकारी दी जा रही है।

किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत की देते हुए प्रोजेक्ट आफीसर ललित कौशिक ने गांव नंगला जोगियान में लगे कैम्प जल शक्ति अभियान के तहत मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत किसानों को पानी बचाने बारे धान फसल को छोड़कर अन्य फसल बोने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया।

सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2022 में भी फसल विविधीकरण योजना “मेरा पानी मेरी विरासत को लागू कर दिया गया है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना गत वर्ष की भांति जिला फरीदाबाद में भी लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों में कपास, मक्का, दलहन में मूंग, अरहर, तिलहन में मूंगफली, तिल, ग्वार, एरण्ड और सब्जियां व फल की बिजाई करनी होगी। जिसके फलस्वरूप प्रति एकड़ 7000/-रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी। यह राशि डीबीटी के माध्यम से किसान के बैंक खाते में डाली जायेगी। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए किसान को अपनी फसल का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल fasal haryana.gov.in पर पंजीकरण करके मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम से जुड़ना होगा। ताकि 7000/- रुपये की धनराशि प्रति एकड़ लाभार्थियों को पहली किश्त कृषि विकास अधिकारी/ उद्यान विकास अधिकारी/ पटवारी / नम्बरदार की कमेटी द्वारा Physical Verification उपरान्त मिले।

इस योजना के तहत जिन किसानों ने पिछले वर्ष अपने धान के क्षेत्र को वैकल्पिक फसलों द्वारा विविधिकरण किया था तथा चालू खरीफ सीजन में भी यदि वो उस क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों की बुवाई करते है तो उन्हें भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत जो किसान पिछले वर्ष धान बिजित क्षेत्र में चारे की फसल लेते हैं व अपने खेत को खाली रखते हैं उन्हें भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत सभी वैकल्पिक फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। इस फसल विविधीकरण योजना के अंतर्गत सभी वैकल्पिक फसलों का बीमा भी विभाग द्वारा करवाया जाएगा। जिसके प्रीमियम की अदायगी प्रोत्साहन राशि से की जाएगी।

इस योजना को क्रियान्वित करने की विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ विरेन्द्र देव आर्य ने विस्तार पूर्वक बताया कि फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा तकनीकी जानकारी के लिए किसानों को गांव स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक फसल बुवाई करने की पूर्ण जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को वैकल्पिक फसलों की आधुनिक तकनीक से बुवाई करने व अच्छी पैदावार लेने के लिए  प्रदर्शन प्लॉट भी आयोजित किए जाएंगे।

इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को “मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर 30 जून 2022 तक पंजीकरण करना होगा।