10 जनवरी से अवैध शराब,नशे, हथियार तथा जुआरियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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Faridabad Hindustan ab tak/Dinesh Bhardwaj : पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा के निर्देशानुसार जिले में अपराध पर अंकुश लगाने तथा युवाओं को नशा तस्करी जैसे अपराधों में धकेलने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ बनाई गई रणनीति के तहत 10 जनवरी से अवैध शराब, नशा, अवैध हथियार तथा जुए/सट्टाखाई जैसे अपराधों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया जिसके तहत कार्रवाई करते हुए थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने बीते 9 दिनों में उक्त मामलों में दर्ज 361 मुकदमों में 386 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है।
पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस आयुक्त महोदय का मानना है कि यदि बड़े अपराधों पर शिकंजा कसना है तो इन अपराधों को जन्म देने वाले छोटे-छोटे कारणों को खत्म करना होगा। नशा और जुआ किसी भी प्रकार के अपराध के घटित होने का मुख्य आधार है। सबसे पहले कोई भी व्यक्ति अपनी संगत के चलते या शौकिया तौर पर नशे के रूप में शराब का सेवन करता है। धीरे धीरे फिर यह उसकी आदत बन जाती है जिसके पश्चात अपने दोस्तों के साथ शराब पीते पीते वह जुआ भी खेलना शुरू कर देता है। एक बार यदि कोई व्यक्ति शराब और जुए के चंगुल में फंस जाता है तो उसका बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। इंसान अपनी सारी कमाई जुए में उड़ा देता है। इधर-उधर से पैसे उठाकर भी वह जुए में लगा देता है परंतु जब तक उसे इसके दुष्परिणामों का एहसास होता है तब तक बात उसके हाथ से निकल चुकी होती है। फिर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए वह चोरी करनी शुरू कर देता है और चोरी में अपने करते समय वह पकड़ा ना जाए इसके लिए वह अपने पास अवैध हथियार रखना भी शुरू कर देता है।
कुछ लोग नशा तस्करी करके जल्दी पैसे कमाने के लालच में आ जाते हैं और अवैध नशा तस्करी के इस दलदल में फंस जाते हैं। नशा तस्करी या लूट के मामलों में व्यक्ति अपने साथ साथ अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल कर लेता है जो आगे चलकर गिरोह का रूप धारण कर लेता है। कई बार इन आपराधिक गिरोह द्वारा अवैध नशा तस्करी या लूटपाट करते समय किसी निर्दोष व्यक्ति की जान चली जाती है और इस प्रकार शराब से शुरू हुई कहानी हत्या जैसी अपराधिक वारदातों से होते हुए जेल में जाकर खत्म हो जाती है और व्यक्ति का सारा जीवन बर्बाद हो जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने  सभी थाना व क्राइम ब्रांच प्रभारियों को नशा तस्करों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे ताकि युवा वर्ग को समय रहते आपराधिक दुनिया से बाहर निकाला जा सके। निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट व जुआ अधिनियम के तहत 361 मुकदमे दर्ज करके 386 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
दर्ज किए गए 361 मुकदमों में 110 मुकदमे एक्साइज, 225 जुआ अधिनियम, 17 आर्म्स एक्ट तथा 9 मुकदमे एनडीपीएस के शामिल है। एनआईटी जोन द्वारा 361 में से सबसे अधिक 182 मुकदमे दर्ज किए गए।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जुआ अधिनियम में सबसे अधिक 251 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके पश्चात एक्साइज एक्ट में 110, आर्म्स एक्ट में 17 तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यदि एक्साइज एक्ट के मुकदमों की बात की जाए तो दर्ज किए गए 110 मुकदमों में पुलिस द्वारा टोटल 1767 बोतल अवैध शराब बरामद की गई है जिसमें 1631 बोतल देसी, 124 अंग्रेजी तथा 12 बोतल बीयर की शामिल है।
एनडीपीएस के तहत दर्ज 9 मुकदमों में पुलिस ने 4.710 किलोग्राम गांजा, 21 ग्राम स्मैक, 7 इंजेक्शन तथा 14 बोतल एविल की बरामद की है। अवैध हथियार अधिनियम में पुलिस ने 17 मुकदमे दर्ज कर 18 देशी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस तथा दो अवैध चाकू बरामद किए हैं वहीं जुआ अधिनियम के आंकड़ों के अनुसार दर्ज किए गए 225 मुकदमों में ₹400935 बरामद किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने पुलिस टीम द्वारा किए गए सराहनीय कार्य के लिए उनकी हौसला अफजाई की और उन्हें भविष्य में इसी प्रकार अपराध के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया।